कल के सत्र में Nifty और Sensex ने आखिरी घंटे की खरीदारी के दम पर मामूली सुधार दर्ज किया, लेकिन पूरे दिन की शुरुआत थोड़ी नरम और अनिश्चित रही। सुबह 09:20 बजे Sensex 166.05 अंक यानी 0.20 प्रतिशत नीचे 83,546.46 पर था, जबकि Nifty 41.85 अंक या 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,480.65 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। कुल मिलाकर 1504 शेयर बढ़त में रहे, 932 गिरावट के साथ बंद हुए और 145 शेयर स्थिर रहे। Nifty Midcap 100 में खास कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन निवेशकों ने Smallcap शेयरों को खरीदना जारी रखा, जिससे Nifty Smallcap 100 लगभग 0.3 प्रतिशत की बढ़त पर बंद हुआ। सेक्टोरल स्तर पर मिश्रित माहौल रहा; IT, Realty और Banking सेक्टर लाल झंडी दिखाते रहे, जबकि Pharma, FMCG और Media शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर निवेशकों की उम्मीदें अभी भी अधर में हैं। कोई ठोस संकेत नहीं मिला कि यह डील जल्द ही हो सकती है। डील की समय सीमा अब 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा BRICS देशों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी को बाजार ने फिलहाल नजरअंदाज किया है। Trump ने साफ कहा था, “अगर भारत BRICS का हिस्सा है, तो उसे भी टैरिफ देना होगा
BRICS का मकसद हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और डॉलर की वैश्विक मानक स्थिति को खत्म करना है। अगर वे इस रास्ते पर चलना चाहते हैं, तो हम भी जवाब देंगे। ” वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता बनी रही। S&P 500 थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां निवेशक अमेरिकी व्यापार नीति में स्पष्टता के इंतजार में थे। Dow Jones Industrial Average 165.60 अंक या 0.37 प्रतिशत गिरकर 44,240.76 पर बंद हुआ। Nasdaq Composite मामूली 5.95 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,418.46 पर रहा। एशियाई शेयर बाजार भी सतर्क शुरुआत के साथ खुले क्योंकि निवेशक जोखिम भरे दांव लगाने से बच रहे थे। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Nifty का 25,400 से 25,600 के बीच का जो जोन बन रहा है, वह अगले directional मूव के लिए अहम होगा। अगर इंडेक्स 25,424.15 (पिछले सत्र के निचले स्तर) के ऊपर बना रहता है, तो तेजी का रुझान मजबूत होगा। खासकर 25,500 के ऊपर स्थिर ट्रेडिंग से शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है, जिससे बाजार में तेजी आएगी
Dhupesh Dhameja, Derivatives Research Analyst, SAMCO Securities ने बताया कि नीचे की ओर 25,300-25,400 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट के रूप में उभर रहा है, जहां से इंडेक्स ने मजबूती दिखाते हुए 10-day EMA के करीब रिवर्सल लिया है। उन्होंने कहा, “अगर Nifty 25,600 के ऊपर मजबूती से बंद होता है और खरीदारी जारी रहती है, तो यह 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंचने का मार्ग खोल सकता है। ” डेरिवेटिव्स के क्षेत्र में Open Interest (OI) डेटा से पता चलता है कि Call ऑप्शंस में सबसे ज्यादा OI 25,600 स्ट्राइक प्राइस पर है, इसके बाद 25,700 पर, जो कि प्रमुख रेसिस्टेंस जोन को इंगित करता है। वहीं, Put ऑप्शंस में सबसे ज्यादा OI 25,500 और 25,400 स्ट्राइक प्राइस पर है, जो मजबूत सपोर्ट लेवल सुझाता है। Hardik Matalia, Derivative Analyst, Choice Broking ने कहा कि यह OI सेटअप 25,400-25,600 के दायरे को Nifty के अगले बड़े मूव के लिए निर्णायक बनाता है। निवेशकों की नजर अब आगामी आय रिपोर्टिंग सीजन और भारत-अमेरिका के व्यापार वार्तालापों पर टिकी है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय इक्विटी में 26 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,367 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह दर्शाता है कि घरेलू निवेशक अभी भी बाजार में भरोसा बनाए हुए हैं। कुल मिलाकर बाजार में फिलहाल तेजी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना होगा क्योंकि सेक्टोरल रोटेशन जारी है और कोई भी अप्रत्याशित वैश्विक या घरेलू खबर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है। Nifty के लिए 25,400-25,600 का क्षेत्र आने वाले दिनों में निर्णायक साबित हो सकता है और इसके पार खुलकर खरीदारी की स्थिति बनेगी, तो 26,000 के स्तर तक तेजी संभावित है
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ की धमकी और BRICS पर संभावित टैरिफ की चर्चा के बावजूद भारतीय बाजार स्थिरता दिखा रहा है, जो घरेलू निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। हालांकि, व्यापार समझौते के बारे में जल्द कोई ठोस खबर न आने से बाजार में अभी अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए, आने वाले सत्रों में Nifty की चाल, खासकर 25,400-25,600 के बीच के स्तर पर होने वाली ट्रेडिंग पर ही नजर बनी रहेगी, जो तय करेगी कि बाजार में तेजी जारी रहेगी या फिर कुछ समय के लिए रुख बदल सकता है