Adani Group ने गुरुवार को एक बड़ा वित्तीय कदम उठाते हुए AWL Agri Business में अपनी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी Singapore आधारित Wilmar International को 7,150 करोड़ रुपये में बेचने की घोषणा की। यह जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से सार्वजनिक की गई है। यह कदम जनवरी में हुई हिस्सेदारी बिक्री के बाद आया है, जब Adani Enterprises Ltd (ACL) ने 13.51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी। Adani Group ने शुक्रवार को भी Adani Wilmar Ltd (AWL Agri Business Ltd) में अपनी हिस्सेदारी को लेकर एक बड़ा ब्लॉक डील किया। Adani Commodities LLP ने अपनी पूरी 10.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में बेची। कुल मिलाकर, समूह ने 13.54 करोड़ इक्विटी शेयर 11 ट्रांचों में 275.5 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचे। इस ब्लॉक डील में भारतीय म्यूचुअल फंडों ने भी जोरदार रुचि दिखाई। IDFC Mutual Fund, Quant Mutual Fund और Bandhan Mutual Fund जैसे प्रमुख फंड खरीदारों में शामिल थे। इसके साथ ही Jupiter India Fund और The Jupiter Global Fund – Jupiter India Select ने मिलकर 37 लाख से अधिक शेयर खरीदे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Morgan Stanley Asia (Singapore) Pte ने 6.24 लाख शेयर खरीदे जबकि Susquehanna Pacific Pty Ltd ने 3.66 लाख शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े
Shajaeatan Investment FZCO ने भी बड़ी संख्या में 11.07 करोड़ शेयर हासिल किए। Templeton के विभिन्न फंडों ने भी इस ब्लॉक डील में हिस्सा लिया। FTIF – Templeton Asian Smaller Companies Fund ने 25.77 लाख शेयर खरीदे, Templeton Emerging Markets Smaller Companies Fund ने 5.89 लाख शेयर और Templeton Global Investment Trust – Emerging Markets Small Cap Fund ने 7.17 लाख शेयर अपने निवेश में जोड़े। इसके अलावा, Duro India Opportunities Fund Pte. Ltd. और Duro Equity Opportunities AIF 1 ने क्रमशः 7.06 लाख और 3.85 लाख शेयर खरीदे। FundPartner Solutions (Suisse) SA – Migros Pensionskasse Fonds ने भी 3.24 लाख शेयर खरीदे। Vanguard के कई फंडों ने भी इस ब्लॉक डील में हिस्सा लिया, जिन्होंने विभिन्न वैश्विक उभरते बाजारों, ऑल-वर्ल्ड और ESG इंडेक्स फंडों के माध्यम से कुल दस लाख से अधिक शेयर खरीदे। यह सौदा Adani Enterprises और Wilmar International के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित Adani Wilmar के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में हिस्सेदारी की यह बिक्री समूह के वित्तीय रणनीति में बदलाव को दर्शाती है। मार्केट के जानकारों के अनुसार, इस तरह के ब्लॉक डील्स में रणनीतिक निवेशकों की भागीदारी यह संकेत देती है कि AWL Agri Business की संभावनाओं पर भरोसा बढ़ रहा है। Wilmar International द्वारा बड़ी हिस्सेदारी खरीदने से कंपनी के संचालन और विस्तार में नया आयाम जुड़ सकता है
Adani Group ने इस बिक्री के माध्यम से अपनी फोकस्ड रणनीति को और स्पष्ट किया है, जिसमें समूह अपनी कोर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करते हुए गैर-कोर हिस्सेदारी बेच रहा है। यह कदम समूह की फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को बेहतर बनाने और भविष्य के निवेश के लिए संसाधन जुटाने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। मार्केट में इस ब्लॉक डील के कारण Adani Wilmar Ltd के शेयरों में भी हलचल देखी गई। निवेशकों और म्यूचुअल फंडों की बड़ी भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि इस सेक्टर और कंपनी के भविष्य को लेकर बाजार में सकारात्मक उम्मीदें हैं। Adani Wilmar, भारत की अग्रणी FMCG कंपनी है जो खाद्य तेल, खाद्य उत्पादों और कृषि व्यापार में मजबूत पकड़ रखती है। Wilmar International के साथ इस साझेदारी ने कंपनी को वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए भी सक्षम बनाया है। इस सौदे की जानकारी के बाद शेयर बाजार में Adani Group के शेयरों और संबंधित म्यूचुअल फंड्स की गतिविधि में बढ़ोतरी देखी गई। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस ब्लॉक डील में सक्रिय रूप से हिस्सा लेकर बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि Adani Group अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी को पुनः व्यवस्थित कर रहा है और अपनी फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। Wilmar International के साथ इस साझेदारी से AWL Agri Business को नई ऊर्जा और संसाधन मिलने की उम्मीद है
इस तरह, Adani Group की यह हिस्सेदारी बिक्री न केवल कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय बाजार में FMCG और कृषि व्यापार के क्षेत्र में भी इसके प्रभाव को बढ़ावा देने वाली साबित हो सकती है