“Vedanta Semiconductors में बड़ा धोखा! Viceroy ने लगाया NBFC छुपाने का आरोप, शेयर बाजार में मचा हड़कंप”

Saurabh
By Saurabh

US आधारित short seller Viceroy Research ने फिर से Vedanta Group पर हमलावर रुख अपनाया है और इस बार Vedanta Limited की सहायक कंपनी Vedanta Semiconductors Pvt Ltd (VSPL) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। Viceroy ने दावा किया है कि VSPL एक “sham commodities trading operation” है, जो जानबूझकर Non-Banking Financial Company (NBFC) के रूप में वर्गीकृत होने से बचने के लिए बनाया गया है। यह आरोप Vedanta समूह ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे निराधार बताया है। Viceroy Research के अनुसार, VSPL का असली मकसद Vedanta Limited को अप्रैल 2024 में आई गंभीर liquidity crisis से बाहर निकालना था। उस समय Vedanta Limited ने अपनी parent कंपनी Vedanta Resources को brand fees भेजने के लिए VSPL का इस्तेमाल किया। Viceroy ने बताया कि VSPL ने zero-margin commodity trading का सहारा लेकर offshore lenders से short-term INR-denominated 10% Non-Convertible Debentures (NCDs) जुटाए, जो Vedanta Limited के Hindustan Zinc Limited (HZL) में 1% हिस्सेदारी को collateral के तौर पर रखकर लिए गए थे। Viceroy ने आरोप लगाया कि VSPL के इन लेन-देन का असली उद्देश्य Vedanta Limited के offshore lenders को भुगतान करना और अप्रैल 2024 की liquidity समस्या को regulatory निगरानी से छुपाना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि VSPL का कारोबार केवल कागजों तक सीमित था, जिसमें copper, silver और gold जैसी commodities पर व्यापार zero-margin के आधार पर होता था, जो wash trading जैसा दिखता है। यह पूरा तंत्र 24 महीने तक regulators की नज़र में नहीं आने के लिए डिज़ाइन किया गया था ताकि यह धोखाधड़ी पूरी हो सके। Viceroy ने यह भी कहा कि VSPL को FY27 तक इस तरह के sham operations जारी रखने पड़ सकते हैं, क्योंकि उस समय तक जो loans दिए गए हैं उनका repayment इसी कंपनी के माध्यम से होना है

अगर regulators ने VSPL की जांच की तो lenders को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। Vedanta Group ने Viceroy की सभी आरोपों का सख्ती से खंडन किया है। Vedanta के spokesperson ने कहा, “VSPL की सभी व्यावसायिक गतिविधियाँ पारदर्शिता के साथ कानून के अनुरूप हैं और सभी नियमों का पालन किया गया है। VSPL और Vedanta Limited के बीच जो loan transactions हुए हैं, वे पूरी तरह से वैध हैं और सभी आवश्यक disclosures और audited financials के अनुसार रिपोर्ट किए गए हैं। हम सभी हितधारकों से अनुरोध करते हैं कि वे verified disclosures पर ही भरोसा करें। ” Viceroy ने जुलाई 9 को Vedanta Resources के debt पर short position लिया था और तब से Vedanta Group पर लगातार आरोप लगाता आ रहा है कि यह कंपनी भारत की Vedanta Limited से systematic तरीके से पैसा निकाल रही है। Vedanta ने इन आरोपों को “malicious combination of selective misinformation and baseless allegations” करार दिया था और Viceroy द्वारा बिना संपर्क किए रिपोर्ट जारी करने पर नाराजगी जताई थी। लेकिन Viceroy ने कहा कि Vedanta ने अब तक उनके सवालों का जवाब नहीं दिया है, जबकि एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। यह मामला भारतीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि Vedanta Group देश की बड़ी mining और metals कंपनियों में से एक है। VSPL के जरिये alleged धोखाधड़ी और liquidity crisis से निपटने के तरीके पर सवाल उठने से Vedanta के stock पर दबाव बन सकता है

निवेशक इस विवाद को लेकर सतर्क हो गए हैं और बाजार में Vedanta के शेयरों की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। Viceroy का यह ताज़ा आरोप Vedanta समूह के खिलाफ उसकी ongoing लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें पहले भी कंपनी की वित्तीय स्थिति और संचालन को लेकर कई आलोचनाएं सामने आई हैं। इस विवाद का आगे क्या परिणाम निकलता है, यह आने वाले समय में regulators के कदमों और Vedanta की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल Vedanta ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी वित्तीय पारदर्शिता पर भरोसा जताया है, लेकिन Viceroy के आरोपों ने कंपनी के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है

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