Reliance Industries Ltd के शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मशहूर क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने संकेत दिया है कि Mukesh Ambani की कंपनी के क्रेडिट रेटिंग में जल्द ही सुधार हो सकता है। इस अपग्रेड की संभावना तब ही मजबूत होगी जब Reliance Industries अपनी leverage कम रखेगी और non-energy सेक्टर से अपनी आय को मजबूत करेगी। फिलहाल, RIL का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹1,419.5 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 0.04% कम है। S&P के क्रेडिट एनालिस्ट Neel Gopalakrishnan ने 19 अगस्त को बताया कि Reliance Industries का वर्तमान रेटिंग ‘BBB+’ है, लेकिन इसमें बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी को अपनी standalone credit profile में सुधार करना होगा। इसके लिए कंपनी को अपने leverage को कम करना होगा और साथ ही non-energy बिजनेस से होने वाली आय को बेहतर करना होगा क्योंकि यह सेक्टर कम उतार-चढ़ाव वाला माना जाता है। इन दोनों कारकों के संयोजन से अगले एक साल के अंदर रेटिंग में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। इससे पहले, S&P ने भारत के sovereign rating में सुधार के बाद Reliance के साथ-साथ ONGC, Tata Power और NTPC की issuer credit ratings को ‘BBB-’ से ‘BBB’ पर अपडेट किया था। भारत की sovereign rating को ‘BBB/A-2’ से ‘BBB-/A-3’ में अपग्रेड किया गया था, जिसका श्रेय देश की आर्थिक मजबूती और निरंतर वित्तीय सुधार को दिया गया
S&P ने कहा था कि उनका स्थिर दृष्टिकोण इस बात को दर्शाता है कि Reliance Industries की मजबूत cash flows और अनुशासित खर्च प्रबंधन कंपनी के वित्तीय प्रोफाइल को अगले 12-24 महीनों तक बरकरार रखने में मदद करेगा। हालांकि, S&P ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि Reliance का capital expenditure, खासकर digital और retail सेक्टर में acquisitions, अपेक्षा से अधिक हुआ तो या कंपनी के cash flow projections में कमी आई तो रेटिंग घटाई भी जा सकती है। कंपनी का debt-to-EBITDA ratio अगर 2.5x से ऊपर चला गया तो यह वित्तीय स्थिति में गिरावट का संकेत होगा। इसके विपरीत, अगर Reliance अपने conservative financial policy को बरकरार रखे और debt-to-EBITDA ratio 2x से कम रखे तो रेटिंग अपग्रेड के मजबूत सबूत मिलेंगे। साथ ही, non-energy बिजनेस से होने वाली आय का हिस्सा भी बढ़ना जरूरी होगा, ताकि कंपनी की वित्तीय स्थिरता और बेहतर हो। इस वित्तीय अपडेट के बीच, Reliance Jio ने हाल ही में अपनी 1 GB per day प्लान को बंद करने की खबरें भी बाजार में चर्चा का विषय बनी हैं। Jio के इस कदम को लेकर mixed प्रतिक्रियाएं आई हैं, लेकिन कंपनी को Jefferies और Citi जैसे बड़े निवेश बैंकों से सकारात्मक टिप्पणी मिली है। ये बैंकें Reliance के भविष्य को लेकर आशावादी नजर आ रही हैं। Reliance Industries के इस संभावित क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड से बाजार में उत्साह बना हुआ है, हालांकि निवेशकों को कंपनी के leverage और non-energy सेक्टर की प्रगति पर नजर रखनी होगी। अगर ये दोनों पहलू मजबूत होते हैं, तो RIL की रेटिंग में सुधार के साथ शेयर प्राइस में भी उछाल देखने को मिल सकता है
इस पूरे परिप्रेक्ष्य में, S&P Global Ratings की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि Reliance Industries की वित्तीय रणनीति और कारोबार की विविधता ही इसके भविष्य का निर्धारण करेगी। कंपनी को अपनी growth strategy में सतर्क और अनुशासित रहना होगा ताकि वह अपने क्रेडिट रेटिंग में सुधार कर सके और बाजार में स्थिरता बनाए रखे। यह स्थिति रियल टाइम मार्केट पर निगाह रखने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है क्योंकि Reliance Industries के शेयरों में संभावित तेजी आने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सावधानी से अपने फैसले लेने की जरूरत होगी। अभी के लिए, RIL के शेयरों में मामूली गिरावट के बावजूद, कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इस तरह, Mukesh Ambani की अगुवाई में Reliance Industries की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत और non-energy सेक्टर से आय बढ़ाने की रणनीति कंपनी को अगले स्तर पर ले जाने की संभावनाएं ज़ोर पकड़ रही हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को किस तरह से पूरा करती है और S&P Global Ratings का अगला कदम क्या होता है