India के Mutual Fund Market में बड़ा बदलाव, Jio BlackRock की योजना से जुड़े बड़े खुलासे India का $600 billion mutual fund market एक बड़े बदलाव के कगार पर है। Jio BlackRock के Managing Director और CEO Sid Swaminathan के अनुसार, यह उद्योग अभी अपनी असली क्षमता का केवल एक छोटा हिस्सा ही समझ पाया है। आज भारत में equity investments केवल 6% घरेलू बचत का हिस्सा हैं, जो developed economies की तुलना में बहुत कम है। यह संकेत देता है कि mutual fund निवेशकों की संख्या और निवेश की राशि दोनों में काफी वृद्धि की गुंजाइश बाकी है। Jio BlackRock, Reliance की Jio Financial Services और अमेरिकी asset management दिग्गज BlackRock Inc. का एक संयुक्त उपक्रम है। इस पार्टनरशिप में BlackRock की वैश्विक निवेश विशेषज्ञता और proprietary technology को Jio के व्यापक distribution नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है। कंपनी के operations के केंद्र में Aladdin नामक BlackRock का इन-हाउस risk management और portfolio analytics platform है, जो दुनिया भर में लगभग $12 trillion के assets का प्रबंधन करता है। Sid Swaminathan ने बताया कि भारत के बाजार के आकार को देखते हुए fund manufacturing और distribution दोनों में scale की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आपको scale पर manufacturing और scale पर distribution दोनों करना होगा। ” यह बात Jio BlackRock की growth strategy में technology और wide reach की अहमियत को दर्शाती है
Jio BlackRock की योजना है कि वह अपने investment platform को Jio Finance और MyJio apps में integrate करे ताकि Jio के 460 million telecom subscribers तक तुरंत पहुंच बनाई जा सके। इसके अलावा, कंपनी अन्य digital channels और registered investment advisers के साथ भी साझेदारी करेगी ताकि अपना footprint और बढ़ा सके। Sid Swaminathan ने कहा कि भारत में digital finance adoption दुनिया के अधिकांश बाजारों से तेज़ी से बढ़ रहा है, जो mutual fund investments के लिए digital-first approach को अनुकूल बनाता है। India में mutual fund penetration अभी भी काफी कम है। UK में यह GDP का करीब 80% है, जबकि US में यह 150% से ऊपर है, लेकिन भारत में यह अभी भी “in the teens” प्रतिशत के आस-पास है। यह आंकड़ा साफ करता है कि भारत में mutual fund market के विस्तार के लिए बहुत बड़ा अवसर मौजूद है। Sid Swaminathan ने कहा कि investor accessibility और trust पर ध्यान केंद्रित कर निवेशकों की संख्या में भारी वृद्धि की जा सकती है। खासकर digital trust, यानी तेजी से investor confidence बनाने की क्षमता, कंपनी की सफलता का निर्धारक होगी। मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए आसान पहुंच के कारण जल्द ही बड़ी संख्या में लोग पूरी तरह से digital माध्यम से ही निवेश करना पसंद कर सकते हैं। India का macroeconomic environment भी mutual fund उद्योग के लिए अनुकूल है
यहां के लाभप्रद demographics, inflation पर नियंत्रण और steady economic growth से sector को भविष्य में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। Sid Swaminathan का मानना है कि आने वाले पांच वर्षों में mutual fund sector का आकार दोगुना या तीन गुना हो सकता है। हालांकि, Jio BlackRock अभी asset under management (AUM) के लिए जल्दबाजी नहीं कर रही है। कंपनी investor education, अलग तरह के products और market development पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा, “बड़ी तस्वीर यह है कि बाजार किस दिशा में जा रहा है और हम उसमें कितना हिस्सा ले सकते हैं। ” Jio BlackRock की योजना है कि वह India के asset management market में एक disruptive ताकत बने। यह cutting-edge investing technology को देश के सबसे बड़े digital distribution नेटवर्क के साथ मिलाकर निवेश के तरीके को पूरी तरह से बदल सकता है। यदि यह कंपनी बड़े पैमाने पर investor confidence कायम करने में सफल होती है, तो लाखों भारतीयों के निवेश के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। इस नई साझेदारी और डिजिटल रणनीति के साथ भारत के mutual fund बाजार में आने वाले सालों में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है, जो निवेशकों के लिए नए अवसर खोल सकती है और देश की आर्थिक विकास यात्रा को मजबूती प्रदान कर सकती है