Bharti Airtel के शेयरों में सोमवार को National Stock Exchange (NSE) पर 2.73% की गिरावट आई और ये ₹1,885 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुँच गए। यह गिरावट कंपनी द्वारा AMPIN Energy के साथ 126.65 मेगावाट अतिरिक्त Renewable Energy के सोर्सिंग के नए समझौते के बाद हुई। इस डील के तहत Airtel की सहायक कंपनी Nxtra, जो डेटा सेंटर व्यवसाय में तेजी से उभर रही है, राजस्थान और कर्नाटक में स्थापित सौर-हवा हाइब्रिड ऊर्जा संयंत्रों से Inter-State Transmission System (ISTS) के माध्यम से यह ऊर्जा प्राप्त करेगी। कंपनी के नियामक फाइलिंग के अनुसार, AMPIN Energy द्वारा दो चरणों में यह अतिरिक्त क्षमता Nxtra को उपलब्ध कराई जाएगी। यह नया समझौता दोनों कंपनियों के बीच Renewable Energy के सहयोग को 200 मेगावाट से अधिक कर देता है। Nxtra के CEO Ashish Arora ने इस साझेदारी पर कहा कि 200 मेगावाट से अधिक की ISTS-समर्थित Renewable Energy के माध्यम से डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को पॉवर करना उद्योग के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम कंपनी की स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ विश्वसनीयता और जलवायु प्रभाव को भी सुनिश्चित करता है। AMPIN Energy लंबे समय से Nxtra को सौर ऊर्जा प्रदान कर रहा है, जो कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में इंटरस्टेट ओपन एक्सेस के माध्यम से सप्लाई होती है। AMPIN Energy के Founder, MD और CEO Pinaki Bhattacharyya ने कहा कि इस साझेदारी से यह साबित होता है कि इंटरस्टेट और इंट्रास्टेट Renewable Energy समाधानों के संयोजन से देशव्यापी ग्राहक लगभग 100% ऊर्जा संक्रमण कर सकते हैं। उन्होंने Nxtra की स्थिरता के प्रति दृष्टिकोण को सराहते हुए कहा कि इस सहयोग से डेटा सेंटर क्षेत्र को हरित बनाने का उनका मिशन साकार हो रहा है
इस समझौते के बाद AMPIN Energy 11 नए राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाएगा और बड़ी मात्रा में ISTS Renewable Energy सप्लाई के साथ-साथ एकल Independent Power Producer (IPP) से Renewable Energy की सहज आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगा। Nxtra ने जून 2024 में वैश्विक RE100 पहल में शामिल होकर अपनी प्रतिबद्धता जताई थी कि वह अपनी पूरी बिजली 100% Renewable Energy से प्राप्त करेगा। Bharti Airtel की वित्तीय रिपोर्टिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है, कंपनी 5 अगस्त 2025 को FY26 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित करेगी। इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में Renewable Energy पर जोर देना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ व्यापार स्थिरता भी सुनिश्चित हो सके। शेयर बाजार में भी इस खबर का असर देखा गया, जहाँ Airtel के शेयर 28 जुलाई 2025 को दोपहर 1:38 बजे तक 2.32% गिरकर ₹1,893 प्रति इक्विटी शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण इस दिन ₹10.79 लाख करोड़ के करीब रहा। इस कदम से Bharti Airtel ने न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को स्वच्छ और स्थायी स्रोतों से पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि भारतीय कंपनियां जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नए और अभिनव उपाय अपना रही हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए Renewable Energy का इस्तेमाल बढ़ाना, विशेषकर डेटा सेंटर क्षेत्र में, भविष्य के लिए ऊर्जा उपयोग के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। कुल मिलाकर, जबकि शेयर बाजार में इस समझौते की घोषणा के दिन कुछ नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई, लेकिन Bharti Airtel और AMPIN Energy के बीच यह Renewable Energy साझेदारी भारतीय टेलीकॉम और डेटा सेंटर उद्योग के लिए एक सकारात्मक और स्थायी संकेतक है। आने वाले वर्षों में इस तरह के नवाचार और निवेश भारत की ऊर्जा जरूरतों को स्वच्छता और स्थिरता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे