Bharat Forge की US Export पर बड़ी चुनौती, FY26 को लेकर जताई गई सावधानी

Saurabh
By Saurabh

Auto ancillary क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Bharat Forge ने हाल ही में अपने Q1 नतीजों के साथ US बाजार में अपने निर्यात को लेकर सतर्कता जताई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) को एक चुनौतीपूर्ण अवधि बताते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए नए टैरिफ और उत्तर अमेरिका में इमीशन नियमों में बदलाव के कारण उनके US export व्यवसाय पर असर पड़ेगा। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि वे इस चुनौती का सामना करने के लिए यूरोपीय स्टील निर्माण सेक्टर में अपनी उपस्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और साल के अंत तक कुछ रणनीतिक कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। Bharat Forge ने Q1 में consolidated basis पर 13 प्रतिशत की कमी के साथ Rs 284 करोड़ का net profit दर्ज किया है, जबकि उनकी revenue में भी 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो Rs 3,909 करोड़ रहा। कंपनी के margin में भी गिरावट देखी गई, जो इस बार 17.2 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 18.1 प्रतिशत था। Chairman और Managing Director BN Kalyani ने इस गिरावट का कारण अमेरिकी बाजार में टैरिफ और regulatory uncertainties को बताया। उन्होंने कहा, “US सरकार द्वारा हाल ही में लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ ने वाहन और ऑटोमोटिव पार्ट्स के आयात पर बड़ा असर डाला है। इसके अलावा स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर प्रोडक्ट्स पर भी टैरिफ बढ़ाए गए हैं, जो हमारे निर्यात बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। ” Kalyani ने यह भी स्पष्ट किया कि FY26 उनके लिए ‘challenging period’ होगा क्योंकि यह समग्र आर्थिक चक्र और कंपनी के भौगोलिक विस्तार के लिहाज से कठिन दौर है। कंपनी ने यह भी कहा कि वे उन व्यवसायों और भौगोलिक क्षेत्रों में अवसर तलाशेंगे जो इन टैरिफ और नियामक बदलावों से कम प्रभावित हैं

साथ ही, लागत में कटौती और ऑप्टिमाइजेशन पर भी जोर दिया जाएगा ताकि कंपनी आर्थिक दबाव को सह सके। इस घोषणा के बाद Bharat Forge के शेयरों में गिरावट देखी गई और शेयर दिन के निचले स्तर पर चले गए। चुनौतियों का सामना करने के लिए Bharat Forge ने यूरोप में स्टील निर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति की पुनः समीक्षा शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा है कि वे वर्ष के अंत तक इस क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, ताकि व्यवसाय को स्थिर किया जा सके और जोखिम को कम किया जा सके। यह कदम US और यूरोपीय बाजारों में व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में Bharat Forge को नए आदेश मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि वे इस वित्तीय वर्ष में रक्षा क्षेत्र में नए ऑर्डर हासिल करने के लिए आशान्वित हैं, जो उनके व्यवसाय के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है। रक्षा क्षेत्र में बढ़ते अवसर कंपनी के लिए आय के नए स्त्रोत प्रदान कर सकते हैं, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव निर्यात बाजार दबाव में हो। Bharat Forge ने हाल ही में AAM India का अधिग्रहण किया है, जिसे कंपनी 2031 तक स्वतंत्र इकाई के रूप में संचालित करने की योजना बना रही है। यह कदम भी कंपनी के विस्तार और विविधीकरण की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे वे विभिन्न बाजारों और क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर सकें

कंपनी के Q1 नतीजों और प्रबंधन की टिप्पणियों के बाद निवेशकों में असमंजस और बेचैनी देखी गई है, जिससे शेयर बाजार में Bharat Forge के शेयर दबाव में आ गए। हालांकि, कंपनी के प्रयास और रणनीतियाँ इस संकट से निकलने का मार्ग दिखा सकती हैं। भारतीय ऑटो ancillary उद्योग की इस प्रमुख कंपनी का FY26 कैसा रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने वैश्विक बाजारों में आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटते हैं। कुल मिलाकर Bharat Forge के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण है। US टैरिफ नीति में बदलाव और वैश्विक व्यापारिक माहौल में अनिश्चितता के कारण कंपनी को अपनी रणनीति में बदलाव करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद, कंपनी ने नए अवसरों की खोज जारी रखी है और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते आदेशों से उम्मीद जताई है कि वे आने वाले समय में आर्थिक दबाव को पार कर सकेंगे

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