Anlon Healthcare का IPO मंगलवार, 26 अगस्त को लॉन्च होते ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। कंपनी ने ₹86 से ₹91 के प्राइस बैंड पर 1.33 करोड़ शेयर ऑफर किए थे, जिन पर पहले दिन ही 1.36 करोड़ से अधिक शेयरों की बोली लग गई। यह लगभग 1.03 गुना सब्सक्रिप्शन दर्शाता है, जो निवेशकों के बीच इस इश्यू की अच्छी मांग को स्पष्ट करता है। NSE के आंकड़ों के अनुसार, QIBs (Qualified Institutional Buyers) ने 20%, Non-Institutional Investors ने 54%, जबकि Retail Investors ने आश्चर्यजनक रूप से 7.98 गुना सब्सक्रिप्शन किया है। IPO के माध्यम से Anlon Healthcare लगभग ₹121.03 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसके लिए कंपनी ने कोई Offer for Sale (OFS) नहीं रखा है। इस फंडराइजिंग का मकसद कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर, कुछ कर्ज़ की वापसी, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें और सामान्य कॉर्पोरेट प्रयोजनों को पूरा करना है। IPO की प्रक्रिया 29 अगस्त तक जारी रहेगी और आधार आवंटन 1 सितंबर को होगा। उसके बाद 2 सितंबर को रिफंड प्रक्रिया शुरू होगी और शेयर डिमैट खाते में क्रेडिट हो जाएंगे। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को NSE पर लिस्ट होगा। इस IPO का एक लॉट 164 शेयरों का है
कुल जारी किए गए शेयरों में 75% शेयर Qualified Institutional Buyers के लिए आरक्षित हैं, 15% Non-Institutional Investors के लिए और 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रखे गए हैं। Anlon Healthcare एक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है जो फार्मा इंटर्मीडिएट्स और Active Pharmaceutical Ingredients (APIs) का उत्पादन करती है। यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और फार्मा कंपनी की जरूरतों को पूरा करता है, जिससे निवेशकों का आकर्षण बढ़ रहा है। IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स और investorgain.com के अनुसार, अनलिस्टेड शेयर वर्तमान में ₹96 पर ट्रेड हो रहे हैं, जो IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹91 से 5.49% अधिक है। यह ग्रे मार्केट प्रीमियम इस बात का संकेत है कि बाजार में इस IPO को लेकर सकारात्मक भावना बनी हुई है। हालांकि, GMP एक अनौपचारिक संकेतक है और इसे स्टॉक एक्सचेंज या SEBI द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी खुद की रिसर्च करें या विशेषज्ञ से परामर्श लें। IPO के इस सफल पहले दिन के बाद, विशेषज्ञों का मानना है कि Anlon Healthcare के शेयर की लिस्टिंग पर अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। इस इश्यू में निवेशकों का उत्साह और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी इसे एक मजबूत शुरुआत देती है। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव और कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए
Anlon Healthcare की योजना अपनी उत्पाद क्षमता बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने की है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इस IPO को लेकर निवेशकों के बीच उत्साह इसलिए भी बढ़ा है क्योंकि फार्मा और केमिकल सेक्टर में निरंतर वृद्धि हो रही है, और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन उत्पादों की मांग में इजाफा देखा जा रहा है। Anlon Healthcare का फोकस फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के लिए उच्च गुणवत्ता वाले APIs और इंटर्मीडिएट्स बनाने पर है, जो कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करता है। संक्षेप में, Anlon Healthcare का IPO पहले दिन की सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि यह इश्यू निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। 26 अगस्त से शुरू हुए सब्सक्रिप्शन में मुख्य रूप से Non-Institutional Investors और Retail Investors की भागीदारी ने इस बात को सुनिश्चित किया है कि इस इश्यू में अच्छी मांग बनी हुई है। आने वाले दिनों में जब IPO का आवंटन होगा और शेयर NSE पर लिस्ट होंगे, तब इस इश्यू की वास्तविक सफलता का पता चलेगा। फिलहाल, ग्रे मार्केट प्रीमियम और सब्सक्रिप्शन डेटा दोनों ही Anlon Healthcare के IPO को लेकर सकारात्मक संकेत देते हैं। निवेशक इस IPO को लेकर उत्साहित हैं, खासकर तब जब फार्मा सेक्टर की वृद्धि दर और सरकारी नीतियों ने इस क्षेत्र को और मजबूत किया है। Anlon Healthcare के विस्तार और वित्तीय सुधार योजनाओं को पूरा करने के लिए जुटाए गए फंड से कंपनी की वृद्धि की संभावनाएं और भी बढ़ेंगी। इस प्रकार, Anlon Healthcare का IPO भारतीय शेयर बाजार में एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देने की क्षमता रखता है, बशर्ते बाजार की स्थिति अनुकूल बनी रहे