रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला है क्योंकि Oberoi Realty के कमजोर वित्तीय नतीजों ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया। 22 जुलाई को ट्रेडिंग के दौरान Oberoi Realty के प्रथम तिमाही (Q1 FY2026) के नतीजों के बाद इस सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे Nifty Realty index लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 996 के स्तर के आसपास आ गया। Oberoi Realty ने 21 जुलाई को वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 421 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 584 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 28 प्रतिशत की कमी है। कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू भी लगभग 30 प्रतिशत घटकर 987.55 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान कंपनी की नेट प्रॉफिट मार्जिन 39.22 प्रतिशत रही जबकि EBITDA 607 करोड़ रुपये पर कायम रहा। कंपनी ने Q1 के नतीजों के साथ ही अपने योग्य शेयरधारकों के लिए 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के हिसाब से अंतरिम डिविडेंड की घोषणा भी की है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जुलाई निर्धारित की गई है और यदि अनुमोदित होता है तो यह भुगतान 7 अगस्त तक किया जाएगा। Oberoi Realty के Chairman और Managing Director Vikas Oberoi ने कहा कि लक्जरी होम्स की मांग मजबूत बनी हुई है, जो बढ़ती आकांक्षाओं और बेहतर जीवनशैली की चाह से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने Elysian, Oberoi Garden City Goregaon में सफल टावर लॉन्च के कारण एक स्वस्थ तिमाही दर्ज की है। Oberoi Realty का फोकस ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है जो उच्च गुणवत्ता वाले आवास, प्रीमियम रिटेल स्पेस, विश्व स्तरीय होटल और स्थायी जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं
Vikas Oberoi ने यह भी बताया कि कंपनी वर्ष के बाकी हिस्सों के लिए नए प्रोजेक्ट लॉन्च की तैयारी कर रही है और आकर्षक भूमि अधिग्रहण की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और टिकाऊ विकास की भी बात कही, जो वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद बनी हुई है। उन्होंने कहा, “मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल्स, बढ़ती आकांक्षात्मक जनसंख्या, घरेलू मांग का तेजी से विस्तार और स्थिर बाहरी स्थिति के कारण भारत प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में विकास के लिए अनुकूल स्थिति में है। ” Oberoi Realty के शेयर 1 प्रतिशत गिरकर 1,821 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे, जबकि दिन के दौरान यह स्तर 1,781 रुपये तक भी गिरा। पिछले एक महीने में इस स्टॉक में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह 3 प्रतिशत बढ़ा है। Realty इंडेक्स के अन्य बड़े नुकसान में Raymond शीर्ष पर रहा, जिसके शेयर 2 प्रतिशत गिरकर 723 रुपये पर आ गए। Phoenix Mills और Anant Raj के शेयर भी लगभग 2 प्रतिशत नीचे आए। Godrej Properties, Brigade Enterprises और Macrotech Developers (Lodha) के शेयर करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। DLF, Sobha और Prestige Estates के शेयर भी मामूली नुकसान के साथ लाल रंग में रहे। इस गिरावट के पीछे Oberoi Realty के कमजोर वित्तीय प्रदर्शन के कारण निवेशकों में निराशा देखी गई, जिससे पूरे सेक्टर में बिकवाली का दबाव बढ़ा
Oberoi Realty के Q1 नतीजों में रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में कमी आने से यह संकेत मिला कि रियल एस्टेट क्षेत्र अभी भी चुनौतियों का सामना कर रहा है, खासकर महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दौर में। हालांकि, कंपनी के नेतृत्व ने आगामी परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की योजना से सकारात्मक संकेत दिए हैं, जो भविष्य में कारोबार के विस्तार के लिए सहायक हो सकते हैं। इसके बावजूद फिलहाल बाजार में निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है और रियलिटी सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि Oberoi Realty के Q1 के कमजोर नतीजों ने न केवल उसके शेयर पर बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर पर विपरीत प्रभाव डाला है। निवेशक अब इस सेक्टर के अगले कदमों और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आगामी वित्तीय तिमाहियों में सुधार के संकेत मिल सकें। फिलहाल, बाजार की नज़र Oberoi Realty सहित अन्य प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है