भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक निफ्टी 255.70 अंक यानी 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,712.05 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 849.37 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,786.54 पर बंद हुआ। बाजार में यह कमजोरी निवेशकों की बेचैनी और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच आई है। इसी के साथ, Ganesh Chaturthi के पर्व के चलते 27 अगस्त को BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंज बंद रहेंगे। इस दिन डेरिवेटिव्स, इक्विटीज, SLBs, करेंसी डेरिवेटिव्स, और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग पूरी तरह से बंद रहेगी। कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रेडिंग बंद रहेगी, जबकि शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक यह सेगमेंट खुला रहेगा। इस बंदी के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों के लिए ट्रेडिंग के अवसर सीमित हो जाएंगे। ट्रेडिंग 28 अगस्त गुरुवार को फिर से शुरू होगी। ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी के सबसे बड़े नुकसान में Shriram Finance, Sun Pharma, Tata Steel, Bajaj Finance, और Trent शामिल रहे। वहीं, Eicher Motors, HUL, Maruti Suzuki, Nestle India, और ITC ने बाजार में मजबूती दिखाई और लाभ कमाए
सेगमेंट के लिहाज से FMCG इंडेक्स ने लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जबकि PSU Bank, Metal, Pharma, Oil & Gas, Consumer Durables, Realty, और Telecom सेक्टर्स में 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे। BSE मिडकैप इंडेक्स 1.3 प्रतिशत गिरा जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.7 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई। Kotak Securities के Head Equity Research, Shrikant Chouhan ने बताया कि बाजार में तकनीकी तौर पर नकारात्मक संकेत हैं। निफ्टी ने 24,850 और 81,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को तोड़ दिया है, जिससे सेलिंग प्रेशर और तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि दिन के चार्ट पर लंबी मंदी वाली कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर लोअर टॉप फॉर्मेशन देखा जा रहा है, जो बाजार के लिए नकारात्मक है। चौहान ने आगे बताया कि 24,650/80,500 के स्तर को बनाए रखने में नाकामी के बाद बाजार में और गिरावट आ सकती है, जो 24,550-24,500/80,200-80,000 के स्तर को फिर से टेस्ट कर सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी 20 दिन के SMA या 24,750/81,000 के ऊपर मजबूती दिखाता है, तो 24,850-24,900/81,300-81,500 तक रिकवरी संभव है। विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया कमजोर रहा। रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे गिरकर 87.68 पर बंद हुआ, जबकि सोमवार को यह 87.58 था
HDFC Securities के Research Analyst Dilip Parmar के अनुसार, डॉलर की मांग और सप्लाई के बीच असंतुलन के कारण रुपया कमजोर बना हुआ है। हालांकि MSCI रिबैलेंस के कारण कुछ सहारा भी मिला है। उन्होंने कहा कि रुपया जल्द और नीचे जा सकता है, लेकिन 86.50 तक की तेजी फिलहाल दूर लगती है। उन्होंने बताया कि USDINR के लिए निकट अवधि में सपोर्ट 87.25 और रेसिस्टेंस 87.90 है। बाजार की इस नरमी के बीच निवेशकों की निगाहें आगामी ट्रेड टैरिफ और GST रेट में संभावित बदलाव पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल, गणेश चतुर्थी के कारण आने वाले 27 अगस्त को बाजार बंद रहेंगे, जिससे ट्रेडिंग में अस्थायी ठहराव रहेगा। इस पूरे परिदृश्य से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल दबाव में है और निवेशकों को सतर्क रहना होगा। तकनीकी विश्लेषण और वैश्विक आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए अगले कुछ दिनों में बाजार की चाल में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है