Aaradhya Disposal Industries Limited का IPO तीन दिनों की सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया के बाद भी निवेशकों से खास उत्साह नहीं जुटा पाया है। कंपनी के ₹45.10 करोड़ के इस IPO को अंतिम दिन तक कुल 1.41 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो कि एक मामूली लेकिन स्थिर रुचि को दर्शाता है। इस पेपर प्रोडक्ट्स निर्माता कंपनी के शेयर प्राइस ₹110-116 प्रति शेयर तय किए गए हैं, जो बाजार में निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है। IPO का सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन Qualified Institutional Buyers (QIB) से आया, जिन्होंने 2.51 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया, जबकि Individual Investors ने 1.45 गुना और Non-Institutional Investors ने 1.25 गुना सब्सक्रिप्शन किया। Market Makers ने 1.00 गुना सब्सक्रिप्शन दिखाते हुए पूरा हिस्सा भरा। कुल मिलाकर 3 दिन में 1,167 आवेदन आए, जो एक SME IPO के लिए सीमित निवेशक भागीदारी को दर्शाता है। पहले दिन, IPO का सब्सक्रिप्शन सिर्फ 0.35 गुना रहा था, जिसका मतलब था कि शुरुआती उत्साह काफी कम था। QIB से हल्की दिलचस्पी देखने को मिली थी, जहां उन्होंने 1.17 गुना सब्सक्रिप्शन किया। वहीं, Retail Investors और Non-Institutional Buyers का उत्साह बहुत सीमित था, क्रमशः 0.35 और 0.26 गुना। Small Non-Institutional Investors (sNII) ने लगभग नगण्य 0.03 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया था
दूसरे दिन स्थिति में सुधार आया और कुल सब्सक्रिप्शन बढ़कर 0.93 गुना हो गया। QIB ने इस दौरान अपनी भागीदारी को दोगुना कर 2.51 गुना कर दिया, जो कि IPO में संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। Individual Investors ने 0.81 गुना, Non-Institutional Investors ने 0.88 गुना और bNII ने 1.19 गुना सब्सक्रिप्शन दिखाया। यह दिन पहले दिन की तुलना में निवेशकों के बीच बेहतर भरोसा और बढ़ी हुई भागीदारी का संकेत था। तीसरे और अंतिम दिन, सब्सक्रिप्शन में और सुधार हुआ और कुल मिलाकर 1.41 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। QIB ने 2.51 गुना की स्थिर भागीदारी जारी रखी, जबकि Individual Investors ने अपनी भागीदारी बढ़ाकर 1.45 गुना कर दी। Non-Institutional Investors का सब्सक्रिप्शन 1.25 गुना रहा, जो कि पहले के मुकाबले थोड़ा बेहतर था। bNII ने भी 1.25 गुना सब्सक्रिप्शन दिखाया, जबकि Market Makers ने 1.00 गुना भागीदारी पूरी की। कुल आवेदन संख्या 1,167 रही, जो बताती है कि निवेशकों की दिलचस्पी सीमित रही। Aaradhya Disposal Industries Limited की स्थापना 2014 में हुई थी
यह कंपनी पेपर कप ब्लैंक्स, रिपल पेपर और कोटेड पेपर रोल सहित विभिन्न प्रकार के पेपर उत्पादों का निर्माण और निर्यात करती है। कंपनी का एक उत्पादन संयंत्र Dewas, Madhya Pradesh में स्थित है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 15,000 मीट्रिक टन है। कंपनी का मुख्य बाजार भारत के साथ-साथ एशिया और मध्य पूर्व के देशों में विस्तारित है। 30 जून 2025 तक कंपनी में 33 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी के उत्पादों में PE कोटेड, PLA कोटेड और बैरियर कोटेड पेपर कप ब्लैंक्स, फूड ग्रेड पेपर जैसे ग्रीसप्रूफ पेपर और वेजिटेबल पार्चमेंट पेपर शामिल हैं। इनकी गुणवत्ता और विविधता कंपनी के निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करती है। IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़े और बाजार की प्रतिक्रिया यह संकेत देते हैं कि Aaradhya Disposal का यह IPO निवेशकों के लिए आकर्षण का स्रोत नहीं बन पाया है। QIB ने जहां मजबूत रुचि दिखाई है, वहीं रिटेल और नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। यह निवेशकों की सतर्कता और कंपनी के भविष्य के विकास को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है। IPO के कुल ₹60.43 करोड़ के बिड अमाउंट ने इशू साइज ₹45.10 करोड़ को पार किया है, लेकिन यह बड़ा ओवरसब्सक्रिप्शन नहीं माना जाएगा
बाजार की यह प्रतिक्रिया संकेत देती है कि निवेशकों ने कंपनी के वित्तीय और व्यावसायिक प्रदर्शन को लेकर सावधानी बरती है। आखिरकार, Aaradhya Disposal IPO ने निवेशकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। संस्थागत निवेशकों का भरोसा मजबूत है, लेकिन रिटेल और अन्य निवेशकों का उत्साह सीमित रहा है। यह देखना होगा कि शेयर लिस्टिंग के बाद कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या यह निवेशकों के लिए दीर्घकालिक लाभ दे पाती है या नहीं। फिलहाल, यह IPO वित्तीय बाजार में एक सतर्क शुरुआत के रूप में दर्ज होगा