Apollo Hospitals Enterprises के शेयर ने बीते तीन महीनों में 13 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की है, लेकिन 22 अगस्त की सुबह ट्रेडिंग में कंपनी की प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर Suneeta Reddy ने अपने हिस्से का 1.32 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया, जिससे शेयर में हल्की गिरावट आई। Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक, Suneeta Reddy ने लगभग 18.97 लाख शेयर ब्लॉक ट्रांजेक्शन के माध्यम से 1,489 करोड़ रुपये में बेचे। इस डील की floor price Rs 7,850 प्रति शेयर थी, जो NSE पर पिछले क्लोजिंग प्राइस Rs 7,926 से लगभग 1 प्रतिशत कम है। इस बिक्री के बाद, जो कि Reddy के कुल 3.36 प्रतिशत हिस्सेदारी में से थी, उनकी हिस्सेदारी घटकर 2.11 प्रतिशत रह जाएगी। Suneeta Reddy, जो 1989 से Apollo Hospitals से जुड़ी हैं और कंपनी के फाउंडिंग परिवार का हिस्सा हैं, ने यह कदम कंपनी के मजबूत Q1 प्रदर्शन के बाद उठाया है। अप्रैल-जून तिमाही में Apollo Hospitals का consolidated net profit सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर Rs 433 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह Rs 305 करोड़ था। कंपनी की revenue भी करीब 15 प्रतिशत बढ़कर Rs 5,842 करोड़ पर पहुंच गई है। EBITDA में 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह Rs 851.5 करोड़ हुआ। Operating margin में भी सुधार हुआ और यह 13.3 प्रतिशत से बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो गया। Apollo Hospitals की यह शानदार वित्तीय रिपोर्ट कंपनी के शेयर में मजबूती का संकेत देती है
कंपनी ने अगले पांच वर्षों में लगभग Rs 7,600 करोड़ का निवेश करते हुए देश के प्रमुख शहरों जैसे Bengaluru और Hyderabad में 4,300 से अधिक नए बेड्स का विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही Apollo Zen नाम से एक AI आधारित preventive health प्रोग्राम भी लॉन्च किया गया है, जो हेल्थकेयर सेक्टर में टेक्नोलॉजी की मदद से रोगों की रोकथाम पर फोकस करता है। कंपनी ने OraLife initiative भी शुरू किया है, जो ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एक स्क्रीनिंग प्रोग्राम है। हालांकि, बाजार में Apollo Hospitals के शेयर को लेकर विशेषज्ञों की राय मिली-जुली है। Nomura ने Q1 के नतीजों के बाद ‘neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है, क्योंकि कंपनी की revenue उम्मीद के मुताबिक रही और operating profit बेहतर रहा। वहीं Citi ने ‘buy’ रेटिंग देते हुए Rs 8,260 का टार्गेट प्राइस रखा है, खासकर अस्पताल और HealthCo बिजनेस में बढ़ते मार्जिन के कारण। 22 अगस्त को Apollo Hospitals के शेयर NSE पर Rs 7,926 पर बंद हुए, जो पिछले क्लोजिंग से 0.55 प्रतिशत ज्यादा था। पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयर ने लगातार मजबूती दिखाई है, जो निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल माना जा रहा है। कंपनी की विकास योजनाएं, मजबूत क्यू1 परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी आधारित नए प्रोग्राम के कारण Apollo Hospitals के शेयर बाजार में खासे आकर्षक बने हुए हैं। हालांकि प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी में कमी ने बाजार में थोड़ी सतर्कता भी बढ़ाई है, लेकिन कंपनी के दीर्घकालीन प्रोजेक्ट्स और वित्तीय मजबूती इसे एक भरोसेमंद विकल्प बनाते हैं
इस ब्लॉक ट्रांजेक्शन के बावजूद Apollo Hospitals के शेयर ने अपनी तेजी बरकरार रखी है, जो बाजार में कंपनी की साख और प्रदर्शन दोनों को दर्शाता है। निवेशकों की निगाहें अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों और विस्तार योजनाओं पर टिकी हैं, जो भविष्य में कंपनी के स्टॉक प्राइस पर अहम प्रभाव डाल सकते हैं