Nifty में गिरावट का नया दौर, क्या जल्द आएगा बड़ा सुधार? जानिए क्या कहता है Technical Analysis

Saurabh
By Saurabh

शुक्रवार, 29 अगस्त को शेयर बाजार में निफ्टी और सेंसेक्स ने तीसरे लगातार दिन कमजोरी का प्रदर्शन किया। दोनों प्रमुख सूचकांक बाजार के दबाव में रहे और सप्ताह के अंत तक कमजोर बंद होने की संभावना बनी। IT, Auto और Metal सेक्टर्स में गिरावट ने बाजार को नीचे धकेला, साथ ही मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स में और भी तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 7.67 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 80,072.90 पर था, वहीं निफ्टी 1.90 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,499 के स्तर पर खुला। इस दौरान लगभग 1517 शेयर बढ़त में थे, 1373 शेयरों में गिरावट रही और 132 शेयर अपरिवर्तित रहे। अधिक ध्यान देने वाली बात यह रही कि भारी घरेलू खरीदारी के बावजूद, जो लगभग ₹6,920 करोड़ थी, निफ्टी 211 अंक गिर गया। विदेशी निवेशकों (FII) ने ₹3,856 करोड़ के स्तर पर बिक्री की, जो घरेलू खरीद से कम थी, लेकिन फिर भी बाजार दबाव में रहा। Geojit Investments के V K Vijayakumar के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा शॉर्ट पोजीशन्स की बढ़ोतरी, विशेषकर अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की आशंकाओं और भारत में stretched valuations की वजह से बाजार दबाव में है। घरेलू स्तर पर सरकार की नीतिगत पहलें जैसे बजट के माध्यम से वित्तीय समर्थन, ब्याज दरों में कटौती के जरिए मौद्रिक राहत और GST में संशोधन की संभावनाएं आने वाले महीनों में आर्थिक विकास और कॉर्पोरेट मुनाफे को बढ़ावा दे सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बाजार में इन नीतिगत सुधारों के सकारात्मक प्रभाव नजर नहीं आते, तब तक निवेशक सतर्कता बरतें और उचित मूल्य वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा

GST दरों में संभावित बदलाव ने कुछ कंपनियों के शेयरों को प्रभावित किया। Navneet Education के शेयर 2 प्रतिशत तक बढ़ गए, जब यह खबर आई कि GST Council कई स्कूल और स्टेशनरी आइटम्स जैसे इरेज़र, मैप्स, एक्सरसाइज बुक्स पर GST दरों में कटौती कर सकता है। इसके तहत कुछ वस्तुओं पर GST को शून्य प्रतिशत तक घटाने की योजना है, जबकि कुछ अन्य आइटम्स पर दरें 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत या शून्य करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं Bharat Forge के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि Morgan Stanley ने बताया कि इस कंपनी का लगभग 38 प्रतिशत standalone रेवेन्यू अमेरिकी बाजार से आता है, जहां हाल में टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। जून क्वार्टर में कम टैरिफ लागू होने के कारण कंपनी ने कुछ प्रभाव को कम किया था, लेकिन अब नए उच्च टैरिफ के चलते कंपनी के EBITDA में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। तकनीकी दृष्टिकोण से बाजार की स्थिति निराशाजनक नजर आ रही है। HDFC Securities के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक Nagaraj Shetti ने बताया कि निफ्टी ने 18 अगस्त के ओपनिंग अपसाइड गैप के महत्वपूर्ण सपोर्ट 24670 को decisively तोड़ दिया है। साथ ही अप्रैल से 25 अगस्त तक की बनती हुई ट्रेंड लाइन भी टूट चुकी है, जो बाजार के लिए एक नकारात्मक संकेत है। उनका कहना है कि निफ्टी की अंतर्निहित प्रवृत्ति अभी भी नकारात्मक है और निकट भविष्य में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। अगले महत्वपूर्ण सपोर्ट 24,300-24,250 के स्तर पर हैं, जो पिछले स्विंग लो और 200-दिन के EMA से मेल खाते हैं

वहीं किसी भी रिबाउंड में 24,700 के आसपास मजबूत रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। निफ्टी के टॉप गेनर में HUL, Asian Paints, Trent, Kotak Mahindra Bank, Tata Consumer Products और Shriram Finance शामिल रहे। वहीं Tata Motors, NTPC, ONGC, Hero MotoCorp और Titan Company इस दिन कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयर रहे। बाजार की इस स्थिति में निवेशकों के लिए धैर्य रखना जरूरी है, क्योंकि फिलहाल बाजार में दबाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, सरकार की नीतिगत सुधारों और वैश्विक आर्थिक माहौल में सकारात्मक बदलाव से आने वाले समय में बाजार में मजबूती आ सकती है। फिलहाल निवेशकों को तकनीकी संकेतों को समझते हुए सतर्कता से कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि वे बाजार की अस्थिरता से बच सकें

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