Swiggy के शेयर शुक्रवार को 2% गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि कंपनी ने Q1FY26 के वित्तीय परिणाम जारी किए। इस तिमाही में Swiggy की नेट लॉस करीब दोगुनी हो गई है, जिससे निवेशकों में निराशा देखने को मिली। फिलहाल, Swiggy के शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से लगभग 36% नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जो दिसंबर पिछले साल दर्ज किया गया था। इस दौरान Swiggy की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने 25% नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और सकारात्मक टिप्पणी भी दी है। इस कारण Swiggy के नतीजे बाजार में खास प्रभाव नहीं डाल पाए। दोनों फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स, Swiggy और Zomato (Eternal), ने Q1FY26 में मजबूत टर्नओवर ग्रोथ दिखाई है। B2C सेगमेंट के तहत Zomato, Swiggy और उनके क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स Blinkit और Instamart ने नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की। Eternal की B2C बिजनेस की नेट ऑर्डर वैल्यू 55% की वृद्धि के साथ ₹20,183 करोड़ पर पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप, Eternal की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 70% बढ़कर ₹7,167 करोड़ हो गई। वहीं, Swiggy की B2C ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 45% बढ़कर ₹14,797 करोड़ रही और कुल रेवेन्यू 54% की वृद्धि के साथ ₹4,961 करोड़ दर्ज की गई
क्विक कॉमर्स सेगमेंट इस तिमाही में दोनों कंपनियों के लिए प्रमुख विकास का स्रोत बना। Eternal के Blinkit ने नेट ऑर्डर वैल्यू में 127% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की, जो ₹9,203 करोड़ तक पहुंच गई और पहली बार फूड डिलीवरी के क्वार्टरली NOV में Swiggy को पीछे छोड़ दिया। Swiggy के Instamart ने भी 108% YoY और 26% QoQ की बढ़त के साथ ₹5,655 करोड़ की ऑर्डर वैल्यू हासिल की, जिसमें औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) में 16% की बढ़ोतरी रही। Blinkit ने इस दौरान 243 नए डार्क स्टोर्स जोड़े, जबकि Instamart ने 45 नए डार्क स्टोर्स की शुरुआत की। वर्तमान में Blinkit के कुल डार्क स्टोर्स की संख्या 1544 है, जबकि Instamart के 1062 हैं। इस तरह क्विक कॉमर्स में Blinkit ने Swiggy के Instamart को प्रमुख मोर्चों पर पीछे छोड़ दिया। ऑपरेशनल एफिशिएंसी के मामले में Eternal ने Q1FY26 में एडजस्टेड EBITDA में 42% की गिरावट के बावजूद दबदबा बनाए रखा। इसकी वजह क्विक कॉमर्स और आउटगोइंग सेगमेंट में जारी निवेश रहा। वहीं, Swiggy का ऑपरेटिंग लॉस इस तिमाही में और बढ़ गया। Swiggy ने कंसोलिडेटेड स्तर पर ₹813 करोड़ का नुकसान दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹348 करोड़ से दोगुना से अधिक है
प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में Eternal ने स्पष्ट बढ़त दिखाई। कंपनी का नेट प्रॉफिट इस तिमाही ₹25 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹253 करोड़ था। Eternal ने यह भी बताया कि वे FY26 के अंत तक खर्चों को नियंत्रित करने की योजना बना रहे हैं और दिसंबर 2025 तक डार्क स्टोर की संख्या 2000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। दूसरी ओर, Swiggy का नेट लॉस Q1FY26 में लगभग दोगुना होकर ₹1197 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें से क्विक कॉमर्स सेगमेंट का नुकसान ₹896 करोड़ रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि भले ही दोनों कंपनियों ने टर्नओवर में मजबूत वृद्धि की हो, पर Swiggy की घाटा बढ़ने की स्थिति चिंताजनक है। वहीं, Eternal ने लाभप्रदता की ओर बेहतर कदम उठाए हैं, जिससे निवेशकों को अधिक भरोसा मिला है। Swiggy के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, खासकर जब उसकी प्रतिद्वंद्वी Eternal ने क्विक कॉमर्स क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है और ऑपरेशनल खर्चों को नियंत्रित करने की दिशा में प्रयासरत है। कुल मिलाकर, Q1FY26 के नतीजे फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को दर्शाते हैं, जहां टिकाऊ लाभप्रदता और कुशल संचालन ही भविष्य के लिए सफलता की कुंजी साबित होंगे। Swiggy को अपनी रणनीतियों में सुधार करना होगा ताकि वह Eternal के साथ प्रतिस्पर्धा में टिक सके और घाटे को कम कर सके