Patel Retail Limited, जो tier-III शहरों में सुपरमार्केट चेन का संचालन करता है, ने 26 अगस्त 2025 को BSE और NSE पर जबरदस्त डेब्यू किया। कंपनी ने अगस्त 19 से 21 के बीच अपने IPO का सफलतापूर्वक समापन किया था, जिसके बाद पहली ट्रेडिंग के दिन ही उसके शेयर में लगभग 20% की तेजी देखी गई। IPO की कीमत ₹255 प्रति शेयर थी, जबकि लिस्टिंग के समय यह ₹305 (BSE) और ₹300 (NSE) तक पहुंच गया, जो मार्केट की उम्मीदों से कहीं ज्यादा था और इसने रिटेल सेक्टर में निवेशकों का गहरा विश्वास दिखाया। Patel Retail Limited का IPO निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। IPO की सब्सक्रिप्शन दर कुल 95.69 गुना रही, जिसमें QIBs ने 272.14 गुना, NII ने 108.11 गुना और रिटेल निवेशकों ने 42.55 गुना तक की भागीदारी दर्ज की। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सुपरमार्केट रिटेल बिजनेस में निवेशकों की दिलचस्पी कितनी मजबूत है। Patel Retail की रणनीति भी कंपनी की सफलता की कुंजी मानी जा रही है। कंपनी महाराष्ट्र के थाने और रायगढ़ जिले के tier-III शहरों और उपनगरों में 43 स्टोर संचालित करती है, जहां कम्पटीशन कम है लेकिन विकास की संभावनाएं अधिक हैं। इसके अलावा, कंपनी के पास गुजरात में तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जो बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तहत कृषि प्रसंस्करण करती हैं। इससे लागत नियंत्रण और मार्जिन में सुधार की संभावना बनी रहती है
कंपनी के प्राइवेट लेबल ब्रांड जैसे “Patel Fresh,” “Indian Chaska,” “Blue Nation,” और “Patel Essentials” भी मजबूत हैं, जो मार्जिन बढ़ाने के साथ-साथ ब्रांड की पहचान भी मजबूत करते हैं। Patel Retail का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी काफी विविधतापूर्ण है, जिसमें 38 कैटेगरी के लगभग 10,000 SKU शामिल हैं। कंपनी अपने 18 ट्रक के लॉजिस्टिक्स फ्लेट द्वारा सप्लाई चैन को कुशलता से मैनेज करती है, जिससे वितरण लागत पर नियंत्रण रहता है और संचालन में तेजी आती है। हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। FY25 में कंपनी की रेवेन्यू केवल 1% बढ़ कर ₹825.99 करोड़ हुई है, जो सीमित मार्केट विस्तार और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी का debt-to-equity ratio 1.34 है, जो यह संकेत देता है कि कंपनी के पास उच्च कर्जभार है, जिससे कैश फ्लो पर दबाव बना हुआ है। कंपनी का PAT margin 3.08% और EBITDA margin 7.61% है, जो परिचालन दक्षता में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है। IPO के बाद कंपनी का P/E ratio 33.69 पर पहुंच गया है, जो निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए कंपनी से निरंतर प्रदर्शन की मांग करता है। IPO से जुटाए गए फंड का उपयोग भी कंपनी ने रणनीतिक रूप से किया है। ₹115 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए आवंटित किये गए हैं, जिससे इन्वेंटरी मैनेजमेंट और बिजनेस ऑपरेशंस में मदद मिलेगी
₹59 करोड़ कर्ज़ की वापसी के लिए रखे गए हैं, जिससे कंपनी की पूंजी संरचना मजबूत होगी और वित्तीय जोखिम कम होगा। इसके अलावा, ₹224.79 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होंगे, जो कंपनी के व्यापार विस्तार और रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाएंगे। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY25 में Patel Retail ने ₹825.99 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष ₹817.71 करोड़ से केवल 1% अधिक है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 12% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹22.53 करोड़ से बढ़कर ₹25.28 करोड़ हो गया है। यह संकेत है कि कंपनी ने परिचालन दक्षता में सुधार किया है। कंपनी का ROE 19.02% और ROCE 14.43% है, जो मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है। बाजार पूंजीकरण ₹851.71 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाता है। Patel Retail Limited की इस लिस्टिंग ने न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे tier-III शहरों के रिटेल सेक्टर के लिए एक मजबूत संकेत भेजा है। कंपनी की रणनीति, प्राइवेट लेबल उत्पाद, और विस्तृत वितरण नेटवर्क भविष्य में इसके विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। हालांकि प्रतिस्पर्धा और वित्तीय चुनौतियां मौजूद हैं, फिर भी कंपनी ने निवेशकों का विश्वास जीत कर यह दिखा दिया है कि रिटेल सेक्टर में अभी भी अपार संभावनाएं हैं
इस IPO डेब्यू ने यह भी साफ कर दिया है कि छोटे शहरों और उपनगरों में विस्तार कर रिटेल कंपनियां मजबूत विकास दर्ज कर सकती हैं। Patel Retail Limited ने पहले दिन के ट्रेडिंग में अपनी ताकत का परिचय देते हुए निवेशकों के लिए आकर्षक रिटर्न दिए हैं, जो आने वाले समय में कंपनी की विकास यात्रा को और उत्साहपूर्ण बना सकते हैं