अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार, 25 अगस्त 2025 को मामूली गिरावट के साथ खुले, जिससे यह साफ हो गया कि निवेशकों का मन अभी भी सतर्क है। Dow Jones Industrial Average करीब 85 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे आया, जबकि S&P 500 और Nasdaq Composite दोनों में लगभग 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस धीमी शुरुआत के पीछे कारण है निवेशकों का ध्यान दो प्रमुख विषयों पर बंटा होना – कंपनियों की earnings रिपोर्ट और Federal Reserve की monetary policy की दिशा। विशेष रूप से इस सप्ताह Nvidia की quarterly results आने वाली हैं, जो बुधवार की शाम घोषित होंगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Nvidia का प्रदर्शन न केवल तकनीकी सेक्टर बल्कि semiconductor और artificial intelligence क्षेत्र की भावी चालों के लिए अहम संकेत देगा। Dell और Marvell भी अपनी earnings इस सप्ताह जारी करेंगे, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर पर नजरें बनी रहेंगी। पिछले सप्ताह Federal Reserve के अध्यक्ष Jerome Powell ने संकेत दिया था कि interest rate cuts सितंबर में शुरू हो सकते हैं। उन्होंने inflation में कमी और श्रम बाजार में नरमी को इस फैसले के पीछे मुख्य कारण बताया। CME FedWatch Tool के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में 25 basis points की कटौती की संभावना लगभग 65% है, जबकि 50 basis points की कटौती की संभावना 35% है। यह “dovish” रुख बाजार में बदलाव ला रहा है, जहां high-growth tech stocks से पैसा निकालकर cyclical और value सेक्टर्स जैसे कि financials और industrials में निवेश बढ़ रहा है
शुरुआती ट्रेडिंग में financials 1.2% और industrials 0.9% तक उभरे, जबकि Nasdaq 100 futures 0.4% नीचे रहे। आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो Conference Board का Leading Economic Index जुलाई में 0.3% बढ़ा, जो अर्थव्यवस्था में धीमी लेकिन सकारात्मक वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, consumer spending की धीमी गति चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर retail sales का 2.1% सालाना गिरना। निवेशक इस सप्ताह Personal Consumption Expenditures (PCE) price index पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो Federal Reserve का पसंदीदा inflation gauge है। इस डेटा के आने से rate cut की दिशा और स्पष्ट हो सकती है। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो, यूरोप के प्रमुख इंडेक्स भी सतर्क रवैये के साथ खुले। FTSE 100 0.1% गिरा, वहीं Germany का DAX और France का CAC 40 दोनों 0.2% नीचे रहे। ये गिरावट अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की earnings और वैश्विक monetary policy के अनिश्चित माहौल को दर्शाती है। एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिले, जहां Japan का Nikkei 225 0.5% चढ़ा, जबकि China का CSI 300 0.3% लुढ़का। चीन के संपत्ति क्षेत्र की चिंताएं और अमेरिकी-चीन व्यापार संबंधों की अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क रखा
मध्य पूर्व में हाल में बढ़े तनावों ने भी निवेशकों को सतर्क किया है। इन geopolitical उलझनों के बीच सुरक्षित परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी है। सोने की कीमतों में 0.4% की बढ़ोतरी हुई और यह $2,510 प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं 10-year US Treasury yield 3.85% पर स्थिर रही, जिससे बांड मार्केट में स्थिरता का संकेत मिला। कमोडिटी मार्केट में तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। West Texas Intermediate (WTI) crude का भाव 0.6% बढ़कर $76.20 प्रति बैरल पर पहुंच गया। मध्य पूर्व में संभावित सप्लाई रुकावटों और वैश्विक इन्वेंट्री की कमी ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेला। इसी कारण ऊर्जा क्षेत्र के स्टॉक्स जैसे ExxonMobil और Chevron ने शुरुआती ट्रेडिंग में 0.8% तक की बढ़त दर्ज की, जो तकनीकी सेक्टर की कमजोरी के दौरान बाजार में संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित हुए। इस पूरे माहौल में निवेशकों की नजरें Nvidia की earnings पर टिकी हैं, जो तकनीकी शेयरों के अगले रुझान का संकेत दे सकती हैं। साथ ही, Federal Reserve की नीतियों में संभावित बदलाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे
इस बीच, वैश्विक आर्थिक और geopolitical घटनाक्रम भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निष्कर्षतः, आने वाले हफ्ते में US stock market में एक ओर बड़ी कंपनियों की earnings से जुड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, तो दूसरी ओर Federal Reserve के monetary policy के संकेत भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे। निवेशक सतर्कता से बाजार के हर कदम को समझने की कोशिश कर रहे हैं और इस समय कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले वे इन दोनों महत्वपूर्ण कारकों पर गहराई से नजर बनाए हुए हैं