Nifty में 214 अंक की गिरावट के बाद क्या होगा अगला बड़ा मोड़? जानिए एक्सपर्ट्स की राय और जरूरी ट्रेड सेटअप Nifty 50 ने हाल के दिनों में जो तेजी दिखाई थी, वह 22 अगस्त को अचानक कमजोर पड़ गई और इंडेक्स ने करीब 214 अंक की गिरावट दर्ज की। इस गिरावट के कारण Nifty ने सोमवार के निचले स्तर के करीब वापसी की और सप्ताह के उच्च स्तर से 290 से अधिक अंक नीचे आ गया। हालांकि, इस बड़ी लाल कैंडल के बावजूद, इंडेक्स ने सभी शार्ट- और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेजेस और Bollinger Bands की मिडलाइन को बचाए रखा, जो कि एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंडेक्स में रिकवरी होती है तो 25,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण होगा, इसके बाद 25,150 रेसिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। वहीं, सबसे नजदीकी सपोर्ट 24,850 पर है, जो शुक्रवार के निचले स्तर के करीब है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार में तेजी से गिरावट आ सकती है और Nifty अगस्त 18 के बुलिश गैप क्षेत्र में भी जा सकता है। Bank Nifty की बात करें तो यह भी 10-, 20-, और 50-day EMAs के नीचे ट्रेड कर रहा है तथा Bollinger Bands की मिडलाइन से नीचे आ गया है, जो बैंकिंग सेक्टर में नर्वसनेस दर्शाता है। Bank Nifty 100-day EMA के करीब 55,000 और अगस्त के निचले स्तर 54,900 के आसपास पहुंच चुका है। इसके नीचे गिरावट और तेज हो सकती है। RSI 40.52 पर गिरा है और MACD सकारात्मक क्रॉसओवर दिखा रहा है, लेकिन शून्य रेखा के नीचे, जो बताता है कि अभी सावधानी बरतनी जरूरी है
Options डेटा भी बाजार के मूड को समझने में मदद करता है। Nifty के कॉल ऑप्शंस में 25,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट है, जो इस स्तर को शॉर्ट-टर्म में एक मजबूत रेसिस्टेंस बनाता है। इसके बाद 25,100 और 25,500 स्ट्राइक आते हैं। सबसे अधिक कॉल राइटिंग भी 25,000 स्ट्राइक पर हुई है, जिससे यह स्तर और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वहीं, पुट ऑप्शंस में 25,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट है, जो सपोर्ट का काम कर सकता है। पुट राइटिंग 24,900 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा देखी गई है। Bank Nifty के कॉल ऑप्शंस में 57,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट है, जो इस स्तर को एक प्रमुख रेसिस्टेंस बनाता है। इसके बाद 56,000 और 55,500 स्ट्राइक आते हैं। पुट ऑप्शंस में 57,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण लेवल माना जाता है। बाजार का मूड जानने के लिए Put-Call Ratio (PCR) भी महत्वपूर्ण होता है
22 अगस्त को Nifty का PCR 0.73 पर आ गया, जो पिछले सत्र के 1.09 से काफी नीचे है। PCR का 0.7 से ऊपर होना आमतौर पर बुलिश सेंटिमेंट को दर्शाता है, जबकि 0.7 से नीचे गिरना बाजार में नकारात्मकता की ओर संकेत करता है। फिलहाल यह स्तर लगभग 0.73 पर है, जिससे यह कहा जा सकता है कि बाजार में थोड़ी सतर्कता के साथ अभी भी बुलिश ट्रेंड बना हुआ है। India VIX, जिसे बाजार का फियर इंडेक्स कहा जाता है, चार सत्रों से सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेस के नीचे बना हुआ है। शुक्रवार को यह 3.12 प्रतिशत बढ़कर 11.73 पर पहुंच गया, जो अभी भी बाजार की स्थिरता और बुलिश माहौल को सपोर्ट करता है। ट्रेडर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि 28 स्टॉक्स में लंबी पोजीशन्स का बिल्ड-अप हुआ है, जबकि 84 स्टॉक्स में लंबी पोजीशन्स का अनवाइंडिंग देखने को मिला है। 63 स्टॉक्स में शॉर्ट पोजीशन्स का बिल्ड-अप हुआ है वहीं 43 स्टॉक्स में शॉर्ट कवरिंग हुई है। यह आंकड़े बाजार की विविधता और निवेशकों की स्थिति को दर्शाते हैं। Delivery ट्रेड्स की बात करें तो कुछ स्टॉक्स में उच्च डिलीवरी शेयर देखा गया है, जो निवेशक हितों को दर्शाता है। F&O सेगमेंट में कुछ सिक्योरिटीज पर प्रतिबंध भी लगाया गया है, जिनमें Titagarh Rail Systems नया नाम शामिल हुआ है, जबकि PG Electroplast और RBL Bank को प्रतिबंध में बरकरार रखा गया है
कुल मिलाकर, बाजार ने 22 अगस्त को बड़ी गिरावट देखी, लेकिन तकनीकी संकेत अभी भी बताते हैं कि यदि Nifty 24,850 के सपोर्ट को बचाए रखता है तो 25,000 और 25,150 के स्तर पर मजबूती की उम्मीद की जा सकती है। वहीं Bank Nifty के लिए 55,000 का स्तर निर्णायक होगा। निवेशकों और ट्रेडर्स को इन तकनीकी स्तरों पर खास नजर रखनी होगी क्योंकि आने वाले दिनों में ये बाजार के मूड को तय करेंगे। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी हैं और सही समय पर सही निर्णय लेना ही फायदे का सौदा हो सकता है। फिलहाल, Nifty और Bank Nifty दोनों में सतर्कता के साथ ट्रेडिंग करना बेहतर होगा