डिफेंस सेक्टर के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy के बीच हाल ही में हुई बैठक के बाद वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना की उम्मीदें बढ़ीं, जिसके चलते भारत के प्रमुख रक्षा कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। Bharat Dynamics, Garden Reach Shipbuilders and Engineers (GRSE), Hindustan Aeronautics Limited (HAL) सहित कई अन्य रक्षा स्टॉक्स में करीब 1 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण Nifty India Defence index भी करीब 1 प्रतिशत नीचे आकर लगभग 7,742 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। Donald Trump ने व्हाइट हाउस में Zelenskyy के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें यूरोप के कई सहयोगी देश भी शामिल थे। इससे पहले Trump ने Russian राष्ट्रपति Vladimir Putin से भी मुलाकात की थी। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में Trump ने बताया कि उन्होंने Putin से बात की और Zelenskyy के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। Trump ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें ceasefire की अवधारणा पसंद है, लेकिन दोनों पक्ष शांति समझौते पर काम कर सकते हैं, जबकि संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि लड़ाई रुके, मैं चाहता हूं कि वे रुकें। ” इन घटनाक्रमों ने भारत के रक्षा शेयरों पर सीधे असर डाला है, क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीद से इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली
पिछले कुछ समय में रक्षा स्टॉक्स ने रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ था, लेकिन stretched valuations और किसी नए ट्रिगर के अभाव में निवेशक सतर्क हो गए हैं। Bharat Dynamics का शेयर आज लगभग 3 प्रतिशत गिरकर ₹1,559 के स्तर पर आ गया। इसके साथ ही Data Patterns के शेयर भी 2 प्रतिशत से अधिक नीचे आए। Solar Industries, GRSE और HAL के शेयर भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। Bharat Electronics Limited (BEL), Cochin Shipyard और Mazagon Dock Shipbuilders के शेयर भी मामूली नुकसान के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि BEML और Paras Defence के शेयरों ने इस गिरावट के बीच थोड़ी राहत देते हुए मामूली बढ़त दर्ज की। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर शांति की संभावनाओं के कारण रक्षा और हथियारों के क्षेत्र में मांग पर असर पड़ सकता है, जिससे इस सेक्टर में निवेशकों की उत्सुकता कम हुई है। हालांकि, भारत में रक्षा क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता को देखते हुए लंबे समय में यह सेक्टर फिर से उभर सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। Nifty India Defence index में आए इस गिरावट के बाद निवेशकों की नजरें अगले कुछ हफ्तों में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हैं। यदि रूस-यूक्रेन संघर्ष में वास्तविक शांति स्थापित होती है, तो इससे रक्षा कंपनियों के व्यवसाय पर असर पड़ सकता है। वहीं, अगर संघर्ष बरकरार रहता है या बढ़ता है, तो रक्षा सेक्टर के स्टॉक्स में फिर उछाल देखने को मिल सकता है
रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ अन्य इंडस्ट्रीज में भी आज ट्रेडिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, Ola Electric, Tata Motors और Bajaj Auto जैसे वाहन निर्माता कंपनियों के शेयरों में 6 प्रतिशत तक की बढ़त आई, वहीं JSW Cement, Brigade Hotel Ventures, और Crizac जैसे हाल ही में लिस्टेड स्टॉक्स में 7 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला। वहीं, FACT, RCF और Agro Phos के शेयर भी चीन द्वारा उर्वरक निर्यात पर रोक हटाने की संभावनाओं से 5 प्रतिशत तक बढ़े। कुल मिलाकर आज का बाजार रक्षा क्षेत्र में नकारात्मक रहा, जो कि वैश्विक शांति प्रयासों और भू-राजनीतिक स्थिति की अस्थिरता का सीधा परिणाम है। निवेशकों को फिलहाल इस क्षेत्र में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आगामी दिनों में वैश्विक राजनीतिक घटनाओं में किसी भी बड़े बदलाव से रक्षा स्टॉक्स की दिशा तय होगी। आज के ट्रेडिंग से यह भी स्पष्ट हुआ कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध और संघर्ष की आशंका कम होती है, तो रक्षा सेक्टर के शेयरों पर दबाव आता है। Bharat Dynamics, GRSE, HAL जैसे प्रमुख रक्षा स्टॉक्स में आई इस गिरावट ने निवेशकों को अलर्ट कर दिया है कि वे इस सेक्टर में आगे होने वाली संभावित उतार-चढ़ाव पर नजर रखें। फिलहाल Trump-Zelenskyy की बैठक ने डिफेंस इंडेक्स में कमजोरी ला दी है, जो आने वाले समय में बाजार की चाल पर बड़ा असर डाल सकती है