Sawaliya Food Products Limited, जो कि एक प्रमुख dehydrated vegetables निर्माता है, ने NSE SME पर 14 अगस्त 2025 को जबरदस्त डेब्यू किया। कंपनी ने अपने IPO की बिडिंग 7 से 11 अगस्त के बीच पूरी की थी और इसके बाद शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू होते ही इसका शेयर प्राइस ₹120 के issue price से 90% ऊपर ₹228 पर खुला। इस प्रदर्शन ने न केवल निवेशकों को भारी लाभ दिया बल्कि food processing सेक्टर में निवेशकों के भरोसे को भी दर्शाया। बाजार के पूर्वानुमानों में केवल 25% प्रीमियम की उम्मीद थी, लेकिन Sawaliya Food ने इसे दोगुने से भी अधिक कर दिखाया। IPO को लेकर Sawaliya Food Products Limited ने ₹120 प्रति शेयर की कीमत पर शेयर जारी किए थे, जिसमें न्यूनतम निवेश ₹2,88,000 था। IPO को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए इसका सब्सक्रिप्शन 13.32 गुना रहा। इसमें NII (Non-Institutional Investors) ने 20.11 गुना, QIB (Qualified Institutional Buyers) ने 15.83 गुना और individual investors ने 8.92 गुना सब्सक्रिप्शन किया। यह स्पष्ट संकेत है कि food processing के इस बिजनेस मॉडल में निवेशकों की गहरी दिलचस्पी है। Sawaliya Food के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो FY25 में कंपनी की Revenue ₹34.34 करोड़ रही, जो पिछले FY24 के ₹23.67 करोड़ से 45% की बढ़ोतरी है। इसी अवधि में कंपनी का PAT (Profit After Tax) ₹6.95 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3.12 करोड़ से 123% तक बढ़ा है
यह उछाल ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बाजार की मजबूत मांग को दर्शाता है। कंपनी ने एक Zero-Wastage Business Model अपनाया है, जिसमें बचा हुआ raw material market में बेचने के साथ-साथ sub-standard उत्पादों का उपयोग pet food एक्सपोर्ट के लिए किया जाता है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और राजस्व में वृद्धि होती है। कंपनी का उत्पादन आधार मध्य प्रदेश के धार में स्थित है, जहां दो फैक्ट्रियां हैं जिनकी कुल क्षमता 1,500 MT है। Sawaliya Food सीधे किसानों से कच्चा माल खरीदती है, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण और लागत दक्षता सुनिश्चित होती है। इसके अलावा कंपनी घरेलू FMCG उद्योग के साथ-साथ USA जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने उत्पादों की सप्लाई करती है, जो राजस्व के स्थिर स्रोत प्रदान करता है। हालांकि, Sawaliya Food के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी का debt-to-equity ratio 1.78 है, जिसके चलते ₹22.49 करोड़ की कुल उधारी वित्तीय दबाव उत्पन्न करती है। यह लिवरेज कंपनी के कैश फ्लो पर असर डाल सकता है। FY24 से PAT में अचानक आई बढ़ोतरी के कारण यह सवाल भी उठता है कि क्या यह लाभ स्थायी होगा या नहीं, खासकर Food Processing के प्रतिस्पर्धी माहौल में
कंपनी का कारोबार अभी भी छोटे पैमाने पर है और कुल कर्मचारी संख्या केवल 25 है, जो विस्तार में बाधा बन सकता है। इसके अलावा कृषि उत्पादों पर निर्भरता के कारण कच्चे माल की उपलब्धता और कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के लिए जोखिम पैदा करता है। IPO से जुटाए गए धन का उपयोग कंपनी ने तीन मुख्य क्षेत्रों में किया है। ₹10 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए, जिससे इन्वेंट्री मैनेजमेंट और दैनिक संचालन में सहायता मिलेगी। ₹7.49 करोड़ मशीनरी खरीद, उन्नयन और सोलर पावर सिस्टम स्थापित करने में लगाए जाएंगे, जो उत्पादन क्षमता और ऑपरेशन की दक्षता बढ़ाएंगे। साथ ही ₹4.61 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, जिससे वित्तीय संरचना मजबूत होगी और लिवरेज की समस्या कम होगी। कंपनी के वित्तीय मानकों पर नजर डालें तो ROE 75.70% और ROCE 48.96% जैसे प्रभावशाली आंकड़े इसके मजबूत प्रबंधन और लाभप्रदता को दर्शाते हैं। PAT मार्जिन 20.32% और EBITDA मार्जिन 35.74% से स्पष्ट होता है कि कंपनी अपने संचालन को कुशलता से चला रही है। Price to Book Value 6.94 और Market Capitalisation ₹119.02 करोड़ के साथ Sawaliya Food ने बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बना ली है। कुल मिलाकर Sawaliya Food Products Limited का यह IPO और बाजार में इसका शानदार प्रदर्शन food processing सेक्टर के प्रति निवेशकों के विश्वास को मजबूती देता है
हालांकि, कंपनी को अपनी वित्तीय संरचना और संचालन के विस्तार पर ध्यान देना होगा ताकि यह लंबे समय तक इस सफलता को कायम रख सके। निवेशकों के लिए यह कंपनी एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो बढ़ते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अवसरों की तलाश में हैं