Apollo Hospitals Enterprise (APHS) अपने Q1FY26 के नतीजों की घोषणा करने वाला है, और बाजार के विशेषज्ञों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं। इस तिमाही में कंपनी की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है, जो मुख्य रूप से उसकी कैपेसिटी विस्तार, मरीजों की संख्या में वृद्धि, और उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा मामलों के कारण होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि Apollo Hospitals की कुल राजस्व में 13 से 17 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है, जबकि नेट प्रॉफिट 16 से 37 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इस तिमाही के लिए एबिटडा (EBITDA) का अनुमान 7,760 करोड़ रुपये से 8,404 करोड़ रुपये के बीच है, जो पिछले साल की तुलना में 15 से 24 प्रतिशत तक ऊपर है। इसके साथ ही, मार्जिन में भी 26 से 80 बेसिस पॉइंट का सुधार देखने को मिल सकता है। यह संकेत देता है कि कंपनी न केवल बिक्री बढ़ा रही है बल्कि अपनी लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल दक्षता में भी सुधार कर रही है। विश्लेषकों ने इस तिमाही के प्रदर्शन के लिए चार मुख्य कारणों को प्रमुख बताया है। सबसे पहले अस्पतालों के सेगमेंट में मजबूती। BNP Paribas के अनुसार अस्पताल की ऑक्यूपेंसी 68 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना है, जबकि Choice Institutional Equities इसे 66 प्रतिशत मान रहा है। नए 200-बेड वाले लीज़ पर लिए गए अस्पताल की शुरुआत, जो कि Bengaluru के Sarjapur में है, भी मरीजों की संख्या में वृद्धि का बड़ा कारण बनेगा
दूसरा, उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं जैसे कि oncology और जटिल सर्जरी की संख्या में वृद्धि से कंपनी की राजस्व गुणवत्ता में सुधार हुआ है। हालांकि औसत रेवेन्यू पर बेड (ARPOB) वृद्धि मामूली है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर केस मिक्स दीर्घकालिक विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत है। फार्मेसी और डिजिटल हेल्थ सेक्टर में भी Apollo को बढ़त मिलने की उम्मीद है। ऑफलाइन रिटेल फार्मेसी का विस्तार और ऑपरेशनल ऑप्टिमाइजेशन से डबल डिजिट ग्रोथ हासिल हो रही है। वहीं, Apollo HealthCo का डिजिटल प्लेटफॉर्म Apollo 24/7 इस तिमाही में स्थिर रह सकता है, लेकिन बेहतर मार्जिन के कारण कुल EBITDA मार्जिन में सुधार होगा। तीसरा, लागत नियंत्रण और ऑपरेटिंग लीवरेज का बेहतर होना कंपनी के मुनाफे को बढ़ावा देगा। Apollo 24/7 पर खर्चों में कमी, मरीजों की संख्या में वृद्धि से बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज, और हाल ही में हुई अधिग्रहणों का समेकन मार्जिन सुधार में सहायक होगा। HSIE ने EBITDA मार्जिन में 26 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है, जबकि BNP Paribas इसे 80 बेसिस पॉइंट तक बढ़ने की संभावना बताता है। सेगमेंट वाइज देखें तो अस्पताल Apollo Hospitals के राजस्व वृद्धि का प्रमुख स्तंभ होंगे, जहां बेड की संख्या बढ़ाने और उच्च स्तरीय प्रक्रियाओं के कारण विकास तेज होगा। फार्मेसी सेगमेंट में ऑफलाइन स्टोर का विस्तार जारी रहेगा, और मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है
डायग्नोस्टिक्स में भी मरीजों और टेस्ट की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी होगी, जबकि मार्जिन में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा। डिजिटल हेल्थ सेक्टर में ऑपरेटिंग खर्चों में कमी और दक्षता सुधार के कारण मार्जिन बेहतर होगा। Q1FY26 के नतीजों में निवेशकों की नजरें कुछ खास बिंदुओं पर होंगी। सबसे पहले EBITDA मार्जिन गाइडेंस, जहां यह देखना होगा कि क्या कंपनी FY26 के लिए मार्जिन विस्तार के अपने लक्ष्य को कायम रखती है। फार्मेसी बिजनेस के डिमर्जर की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे समूह की लाभप्रदता और लागत संरचना पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, नए अस्पतालों की ऑक्यूपेंसी और ARPOB ट्रेंड्स में सुधार की जानकारी भी जरूरी होगी, जिससे पता चलेगा कि नई सुविधाओं की मांग कैसी है और क्या औसत राजस्व में वृद्धि हो रही है। Apollo 24/7 की डिजिटल हेल्थ परफॉर्मेंस, विशेषकर इसके मौनेटाइजेशन और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एकीकरण की प्रगति की अपडेट भी निवेशकों के लिए अहम होगी। अंत में, Apollo Hospitals के कैपेक्स और विस्तार योजना पर नजर रहेगी। कंपनी अगले दो वर्षों में 2,500 से अधिक बेड जोड़ने की योजना पर काम कर रही है, और इस योजना की प्रगति और पूंजी निवेश की जानकारी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत होंगी। कुल मिलाकर Apollo Hospitals की Q1FY26 की आय रिपोर्ट से यह उम्मीद की जा रही है कि कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता, केस मिक्स, और डिजिटल हेल्थ सेक्टर में सुधार के जरिए न केवल राजस्व में बढ़ोतरी की है, बल्कि मुनाफे और मार्जिन में भी ठोस सुधार किया है
निवेशक इस रिपोर्ट को लेकर उत्साहित हैं और इसके परिणाम शेयर बाजार में बड़ी हलचल ला सकते हैं