Nifty ने लगातार छठे हफ्ते भी गिरावट दर्ज की है, जो पिछले पांच सालों में सबसे लंबी गिरावट का दौर साबित हो रहा है। इस दौरान बाजार की कमजोरी और निवेशकों के मनोबल में गहरी गिरावट देखने को मिली है। Derivatives Research Analyst Dhupesh Dhameja ने Samco Securities के माध्यम से बताया कि आने वाला ट्रेडिंग सप्ताह अत्यधिक अस्थिरता वाला रहेगा। खासतौर पर व्यापारिक शुल्क (trade tariff) से जुड़ी खबरें बाजार की भावना पर दबाव बनाएंगी। पिछले सप्ताह की तरह, अगर बाजार में कोई रिकवरी भी होती है तो वह बहुत सीमित और अस्थायी होगी। Nifty ने पिछले सप्ताह 24,500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया, जो अब एक मजबूत सप्लाई जोन बन चुका है। इस स्तर के टूटने से बाजार की कमजोरी और बढ़ गई है और ऊपर की ओर उठाव को बार-बार बुल ट्रैप में बदल दिया गया। बाजार में हर छोटी सी तेजी पर बड़े विक्रेता सक्रिय हो जाते हैं और अपने शॉर्ट पोजीशन बढ़ाते हैं। वर्तमान में Nifty 24,500 के नीचे लगातार ट्रेड कर रहा है और 100-day EMA (24,590) से भी नीचे गिर चुका है, जो किसी भी मजबूत रिकवरी के रास्ते में बड़ी बाधा बन गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो RSI 40 से नीचे आ चुका है और पिछले निचले स्तर को भी तोड़ चुका है, जो बाजार में तेज बिकवाली की ओर इशारा करता है
Open Interest में हल्का इजाफा हुआ है, जो 1.69 करोड़ से बढ़कर 1.72 करोड़ हो गया है, जबकि Nifty में 0.82% की गिरावट आई है। यह साफ दिखाता है कि बाजार में शॉर्ट पोजीशन धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। खासकर आखिरी ट्रेडिंग सेशन में अचानक सपोर्ट टूटने से खरीददार चौंक गए, जिससे अगले सप्ताह और भी उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है। Foreign Portfolio Investors (FPI) भी लगातार बाजार में शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं। उनके पास शॉर्ट पोजीशन 92% से अधिक हैं और वे इस दौरान कोई पोजीशन कवर नहीं कर रहे हैं। FPI का long-short ratio 8 से 8.6% के बीच बना हुआ है, जो बाजार में उनकी निरंतर नकारात्मक सोच को दर्शाता है। इस वजह से FPIs के चलते बाजार में गिरावट का दबाव बना हुआ है और कोई भी तेजी फिलहाल नजर नहीं आ रही। Options Data भी बाजार की कमजोरी को दर्शाता है। 24,500 के strike price पर भारी Call writing हुई है, जहां Open Interest 1,47,414 contracts तक पहुंच गया है, जिससे यह क्षेत्र एक मजबूत रेसिस्टेंस बन गया है। वहीं, 24,000 के strike price पर सबसे ज्यादा Put OI 75,920 contracts है, जो फिलहाल सपोर्ट का काम कर रहा है
Put-Call Ratio (PCR) गिरकर 0.48 तक आ गया है, जो एक मजबूत bearish संकेत है। हालांकि, बाजार ओवरसोल्ड स्थिति में है, इसलिए तकनीकी तौर पर एक छोटा रिकवरी का मौका हो सकता है, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिकेगी। आने वाले सप्ताह में Nifty के लिए 24,300 का स्तर फिलहाल पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट होगा। अगर यह भी टूटता है, तो बाजार 24,200 से 24,100 के नज़दीक जा सकता है, जो 200-day EMA के करीब है। वहीं, ऊपर की ओर 24,500 से 24,600 के बीच कई मजबूत रेसिस्टेंस मौजूद हैं, जहां से बाजार को ऊपर तोड़ना काफी मुश्किल होगा। केवल 24,600 के ऊपर मजबूती से क्लोज़ होने पर ही कोई बेहतर रिकवरी देखने को मिल सकती है, वरना हर तेजी पर बिकवाली का दबाव बना रहेगा। कुल मिलाकर बाजार की संरचना कमजोर बनी हुई है और लगातार नई निचली चोटियां बना रही है। 20, 50 और 100-day EMA के नीचे ट्रेडिंग जारी है और 20-week EMA भी टूट चुका है, जिससे नीचे की ओर जोखिम और बढ़ गया है। निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि शॉर्ट पोजीशन बढ़ने के साथ FPIs भी अपने bearish bets को मजबूत कर रहे हैं। इस माहौल में ‘sell-on-rise’ यानी तेजी पर बिकवाली की रणनीति ही बेहतर साबित हो सकती है
अंततः, Nifty अगले हफ्ते 24,200-24,100 के स्तर पर टेस्ट कर सकता है और बाजार में अस्थिरता और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल कोई भी बड़ी तेजी आने के संकेत नहीं हैं, बल्कि गिरावट की चाल जारी रह सकती है। इसलिए निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि इस समय बाजार में तेजी को ज्यादा भरोसेमंद न समझा जाए क्योंकि वे ज्यादातर bull traps साबित हो सकते हैं