Tata Group की गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा शाखा Tata Capital ने अपने आगामी ₹17,000 करोड़ के Initial Public Offering (IPO) से पहले वैश्विक निवेशक रोडशो की श्रृंखला शुरू कर दी है। यह कदम कंपनी पर RBI के नियामक दबाव के मद्देनजर आया है, जिसके तहत सभी उच्च स्तरीय NBFCs को 30 सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होना अनिवार्य है। इस IPO को लेकर कंपनी ने सिंगापुर, लंदन और अमेरिका के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में निवेशकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इन बैठकों का उद्देश्य Tata Capital की विकास कहानी, पूंजी की मजबूती और बढ़ते रिटेल व इंफ्रास्ट्रक्चर लेंडिंग व्यवसायों को निवेशकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना है। यह IPO भारतीय NBFC इतिहास में सबसे बड़े और सबसे प्रतीक्षित ऑफर में से एक माना जा रहा है। लगभग ₹17,200 करोड़ के इस इश्यू में कंपनी द्वारा करीब 21 करोड़ नई शेयर जारी की जाएंगी, जबकि लगभग 26.6 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत प्रमोटर Tata Sons और अंतरराष्ट्रीय निवेशक International Finance Corporation (IFC) द्वारा बेचे जाएंगे। इस प्रकार यह न केवल NBFC सेक्टर में एक बड़ा इश्यू होगा, बल्कि 2025 के सबसे बड़े आईपीओ में से एक भी साबित होगा। IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल Tata Capital अपनी Tier-I कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए करेगा, जो Basel III के अनुपालन के लिए जरूरी है। साथ ही यह फंड कंपनी के आवास वित्त, MSME लेंडिंग, वाहन वित्त और इंफ्रास्ट्रक्चर क्रेडिट जैसे क्षेत्रों में विस्तार योजनाओं को भी गति देगा। Tata Capital ने हाल ही में Tata Motors Finance Ltd को NCLT की मंजूरी के बाद поглощित किया है, जिससे उसके रिटेल लोन बुक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है
इस बढ़ोतरी को बनाए रखने और बढ़ती क्रेडिट मांग को पूरा करने के लिए IPO बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। यह IPO केवल विकास योजनाओं के लिए नहीं, बल्कि RBI के नियामक आदेश का पालन करने के लिए भी जरूरी है। RBI ने सितंबर 2022 में Tata Capital को उच्च स्तरीय NBFC के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके बाद कंपनी को सितंबर 2025 तक सार्वजनिक होने का निर्देश दिया गया। Tata Capital ने अपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सीक्रेटली फाइल कर दी है और SEBI सहित सभी आवश्यक नियामक मंजूरियां भी प्राप्त कर ली हैं। IPO की अंतिम तारीख, प्राइसिंग और एंकर बुक की जानकारी आने वाले हफ्तों में सार्वजनिक की जाएगी। बाजार की प्रतिक्रिया को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि Tata Capital का यह IPO संस्थागत और खुदरा दोनों तरह के निवेशकों के बीच भारी रुचि पैदा करेगा। Tata ब्रांड की विश्वसनीयता और कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति इस निवेश को और भी आकर्षक बनाती है। साथ ही, भारतीय बाजार में क्रेडिट ग्रोथ की निरंतर मजबूती और गुणवत्ता वाले NBFCs के लिए निवेशकों की उत्सुकता भी इस आईपीओ को सफल बनाने में सहायक होगी। विश्लेषकों के अनुसार, Tata Capital का यह सार्वजनिक होना वित्तीय सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह कंपनी को परंपरागत बैंकों और तेजी से बढ़ते फिनटेक लेंडर्स के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित करेगा
इस आईपीओ की सफलता से Tata Capital की स्थिति और भी मजबूत होगी और यह भारतीय वित्तीय बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरेगा। इस प्रकार Tata Capital का ₹17,000 करोड़ का IPO न केवल कंपनी के विकास के लिए बल्कि पूरे NBFC सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। निवेशकों की नजरें इस बड़े इश्यू पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में भारतीय वित्तीय बाजार के परिदृश्य को नई दिशा देगा