गोल्ड (Gold) ने गुरुवार, 7 अगस्त को एक नया इतिहास रच दिया है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर gold October futures ने ₹1,02,155 प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली, जो कि पिछले क्लोज़ से ₹893 (0.88%) ज्यादा है। सुबह के ट्रेड में gold October futures (expiry 3 अक्टूबर 2025) ₹1,01,539 तक पहुंचा था, जो कि ₹277 (0.27%) की बढ़त दर्शाता है। दिन के मध्य तक यह तेजी और तेज़ हो गई और पिछले क्लोज़ ₹1,01,262 से ऊपर उठकर ₹1,02,155 हो गया। इसी तरह gold September futures (expiry 5 सितंबर 2025), जो कि Mini Gold Futures Contract के तहत 100 ग्राम के कॉन्ट्रैक्ट साइज में ट्रेड होते हैं, ने भी ₹1,01,519 प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर को छू लिया, जो कि ₹832 (0.82%) की बढ़त है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में मजबूती देखी गई। न्यूयॉर्क में Comex gold futures दिसंबर डिलीवरी के लिए 0.49% बढ़कर $3,385.98 प्रति औंस पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,01,840 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले सत्र के मुकाबले ₹480 (0.47%) ज्यादा है। इस बुल रन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख हैं अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी, वैश्विक बाजार की अस्थिरता, और केंद्रीय बैंकों द्वारा बढ़ती खरीदारी। 2025 में सोने की कीमतों में 25% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है क्योंकि निवेशक अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में सोने की ओर बढ़ रहे हैं
सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है जो बाजार की अस्थिरता के समय निवेशकों के लिए आश्रय का काम करता है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है, जिससे भारतीय बाजार में भारी अस्थिरता आई है और सोने की कीमतों को मजबूती मिली है। इस टैरिफ वृद्धि के कारण भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग को बड़ा झटका लगा है। Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के चेयरमैन Kirit Bhansali ने इसे “डूम्सडे” बताया है। उन्होंने कहा कि कंपनियां अब अपने उत्पादों को US तक पहुंचाने के लिए UAE और Mexico जैसे कम टैरिफ वाले देशों में मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं स्थापित करने की योजना बना रही हैं। वैश्विक स्तर पर भी केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में तेजी ला रहे हैं। World Gold Council (WGC) के अनुसार, मई 2025 में केंद्रीय बैंकों ने अपने सोने के भंडार में 20 ट्रिलियन ग्राम का इजाफा किया। WGC की Central Bank Gold Reserves Survey 2025 में 43% केंद्रीय बैंकर्स ने कहा कि वे अपने सोने के भंडार को बढ़ाना चाहते हैं, और 95% ने माना कि अगले 12 महीनों में सोने की खरीद जारी रहेगी। Official Monetary and Financial Institutions Forum (OMFIF) की रिपोर्ट में भी यह संकेत मिला है कि लगभग 32% केंद्रीय बैंक अगले एक-दो वर्षों में सोने की होल्डिंग्स बढ़ाएंगे। Metals Focus की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में केंद्रीय बैंक 1,000 टन सोना खरीदने वाले हैं, जो पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है
यह खरीदारी सोने की कीमतों को और ऊपर ले जाने में मदद कर रही है। इसके अलावा, geopolitical tensions और आर्थिक अनिश्चितता ने भी सोने की कीमतों को रिकॉर्ड स्तरों तक पहुंचा दिया है। बाजार में आई इस अस्थिरता के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशक शेयर बाजार की तुलना में सोने को अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी के कारण भारतीय निर्यात प्रभावित होने की संभावना है, खासकर gems and jewellery ($12 billion), textiles and clothing ($10.3 billion), shrimp ($2.24 billion), leather and footwear ($1.18 billion), chemicals ($2.34 billion), और machinery ($9 billion) जैसे सेक्टर। यह सब मिलकर बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा रहा है, जिससे सोने की मांग और कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इस समय सोने की कीमतों में तेजी जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी से मार्केट अवलोकन करने का है। सोना इस दौर में एक मजबूत सुरक्षित निवेश के रूप में उभर कर सामने आया है, जिसने रिकॉर्ड कीमतें बनाकर सभी को चौंका दिया है। इस तेजी के बीच, बाजार के तकनीकी विश्लेषण से पता चलता है कि gold futures में कारोबार का वॉल्यूम भी बढ़ा है; gold October futures पर 2:30 बजे तक 5253 lots की ट्रेडिंग हुई, जो निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। Mini Gold Futures September भी ₹381 (0.38%) की बढ़त के साथ ₹1,01,068 पर ट्रेड कर रहे थे
कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और बाजार की अस्थिरता ने gold prices को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। निवेशकों के लिए यह समय gold market पर नजर बनाए रखने का है क्योंकि यह बुल रन अभी और लंबा चल सकता है