आज का शेयर बाजार बंद होते समय Sensex 166.26 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,543.99 पर आ गया, जबकि Nifty 75.35 अंक या 0.31 प्रतिशत टूटकर 24,574.20 पर बंद हुआ। इस दौरान BSE के midcap और smallcap इंडेक्स भी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। NSE के प्रावधिक आंकड़ों के अनुसार, 6 अगस्त को Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में कुल 4,999 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, वहीं Domestic Institutional Investors (DIIs) ने 6,794 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। DIIs ने कुल मिलाकर 16,761 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 9,966 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। FPIs की बात करें तो उन्होंने 11,242 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 16,241 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस साल अब तक, FIIs कुल 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 4 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इस आंकड़े से साफ होता है कि विदेशी निवेशक लगातार बाजार से निकासी कर रहे हैं, जबकि घरेलू निवेशक बाजार में सक्रिय खरीदारी कर रहे हैं। आज के कारोबार में Nifty के सबसे बड़े नुकसान में Wipro, Sun Pharma, Jio Financial, IndusInd Bank और Tech Mahindra के शेयर शामिल रहे। वहीं Asian Paints, HDFC Life, Trent, Adani Ports और Bharat Electronics ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। PSU Bank सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए, जिसमें PSU Bank ने 0.6 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की
Religare Broking के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Ajit Mishra ने बताया कि बुधवार को बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहा और अंत में बाजार नीचे बंद हुआ। उन्होंने कहा कि बाजार के प्रतिभागी MPC की बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे थे। बैठक में नीति दर अपरिवर्तित रखी गई और केंद्रीय बैंक ने अपने नीयूtral रुख को जारी रखा, जिससे बाजार में कोई खास उत्साह या निराशा देखने को नहीं मिली। Ajit Mishra ने आगे कहा कि हाल की कीमतों में दिख रही अनिश्चितता व्यापारिक टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सौदों के इर्द-गिर्द मंडरा रही असमंजस की वजह से है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मोर्चे पर कोई नकारात्मक खबर आती है तो यह Nifty पर और दबाव डाल सकती है। उनकी राय में Nifty के लिए अगला समर्थन स्तर 24,450 पर है, जबकि ऊपर की ओर 24,700 से 24,800 का क्षेत्र बाधा का काम कर सकता है। इस संदर्भ में निवेशकों को स्टॉक चयन और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। इस तरह के बाजार माहौल में FPIs की बिकवाली और DIIs की खरीदारी से पता चलता है कि विदेशी निवेशक फिलहाल भारतीय बाजार से बाहर निकल रहे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक इसे अवसर के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और वैश्विक आर्थिक तथा राजनीतिक घटनाक्रम, खासकर व्यापार नीतियों से जुड़ी खबरें, बाजार के मूड को प्रभावित कर सकती हैं। आज के कारोबार के दौरान BSE के midcap और smallcap इंडेक्स की गिरावट से भी यह संकेत मिलता है कि निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क हैं और बड़े शेयरों में ही भरोसा बनाए रखा है
कुल मिलाकर, आज का बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन बाजार की चाल में जारी अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से सतर्क रहना जरूरी है। निवेशकों को बाजार के रुख को समझते हुए रणनीति बनानी चाहिए और केवल ट्रेंड के आधार पर नहीं, बल्कि मजबूत फंडामेंटल्स वाले स्टॉक्स पर ध्यान देना चाहिए। आज के इस बाजार सत्र से यह भी साफ हुआ कि MPC की मौजूदा नीति से बाजार को फिलहाल कोई बड़ा रुख परिवर्तन नहीं मिला है। आने वाले समय में व्यापार और टैरिफ से जुड़ी कोई भी नई जानकारी बाजार की दिशा तय कर सकती है। इसलिए निवेशक और विश्लेषक दोनों इस पर नजर बनाए रखना जरूरी समझ रहे हैं। इस बीच, DIIs की खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक स्थिरता दी है, लेकिन FPIs की बिकवाली की वजह से बाजार में दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों की समझदारी और सतर्कता ही उन्हें लाभ दिला सकती है