FIIs ने शेयरों में की भारी बिकवाली, DIIs ने खरीदे अरबों के शेयर, बाजार में फिर दिखा दबाव

Saurabh
By Saurabh

भारतीय शेयर बाजार में 5 अगस्त को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगभग 22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,840 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह जानकारी NSE के प्रारंभिक आंकड़ों से मिली है। इस दिन DIIs ने कुल 14,250 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 10,410 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, FPIs ने 15,251 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे परन्तु 15,273 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे कुल मिलाकर उनके नेट सेलिंग की स्थिति बनी। साल 2023 की बात करें तो अब तक FPIs ने कुल 1.68 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि DIIs ने 4.19 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इस आंकड़े से साफ दिखता है कि विदेशी निवेशक लगातार बाजार से बाहर आ रहे हैं, जबकि घरेलू निवेशक बाजार में भरोसा बनाए हुए हैं। 5 अगस्त को बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 308 अंक गिरकर 80,710 के करीब बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 लगभग 70 अंक कमजोर होकर 24,652 के स्तर पर बंद हुआ। आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा, जिनमें Infosys, HDFC Bank और Hindustan Unilever प्रमुख रूप से प्रभावित रहे। हालांकि ऑटो और मेटल सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को ज्यादा गिरने से रोका

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगभग 0.4% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में लाभ निकालने का सिलसिला जारी रहा और कोई नया ट्रिगर न होने के कारण निवेशक सतर्क दिखे। PL Capital के एडवाइजरी हेड, विक्रम कसाट के अनुसार, “बाजार में फ्रंटलाइन स्टॉक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निकट भविष्य में बाजार रेंज-बाउंड रह सकता है। निवेशकों की नजरें आने वाले RBI के मौद्रिक नीति निर्णय और अमेरिका के महत्वपूर्ण मैक्रोइकॉनोमिक आंकड़ों पर टिके होंगी। ” विदेशी निवेशकों के बाहर जाने का असर मुद्रा बाजार में भी दिखा। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर लगभग 87.66 के स्तर पर बंद हुआ। यह गिरावट विदेशी फंड आउटफ्लो और व्यापारिक चिंताओं की वजह से आई। वहीं, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई और 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 10,222 रुपये प्रति ग्राम के पास रही। निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए निकट अवधि में 24,600 से 24,800 के बीच कंसोलिडेशन रेंज बनी रहेगी। वैश्विक और घरेलू मैक्रोइकॉनोमिक संकेतक ही आगे की दिशा तय करेंगे। इस बीच, निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता का है क्योंकि वैश्विक स्तर पर राजनीतिक एवं आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इस दिन बाजार में कुछ बड़े सौदे भी देखने को मिले। Antfin ने Paytm से अपनी हिस्सेदारी कम की, जबकि Invesco Mutual Fund ने Aditya Infotech के शेयरों में लगभग 101 करोड़ रुपये का निवेश किया। इन बड़े लेनदेन से भी बाजार की दिशा प्रभावित हुई। कुल मिलाकर 5 अगस्त का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतिपूर्ण रहा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच DIIs की खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक स्थिर रखा। निवेशक अब RBI की अगली नीति बैठक और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करेंगे

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