Tata Sons की वित्तीय सेवा शाखा Tata Capital ने SEBI के सामने अपना अपडेटेड Draft Red Herring Prospectus (DRHP) 4 अगस्त को दाखिल किया है, जो भारत के सबसे बड़े NBFC IPO की तैयारी का संकेत देता है। यह IPO लगभग $11 बिलियन (करीब ₹90,000 करोड़) के मूल्य का होने वाला है, जिसमें कुल 47.58 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इस इश्यू में 21 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे जबकि Offer for Sale (OFS) के तहत 26.58 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। OFS के हिस्से में Tata Sons लगभग 23 करोड़ शेयर छोड़ने की योजना बना रहा है, जबकि International Finance Corporation (IFC) करीब 3.58 करोड़ शेयर बेचने वाला है। इस नई पूंजी का उद्देश्य Tata Capital के Tier-1 कैपिटल बेस को मजबूत करना है, जिससे कंपनी की लेंडिंग क्षमता में वृद्धि होगी और भविष्य में कारोबार का विस्तार हो सकेगा। यह IPO RBI के निर्देशों के तहत हो रहा है, जिसमें शीर्ष स्तरीय NBFCs को सितंबर 2025 तक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होना अनिवार्य है। Tata Capital ने इस समय सीमा से पहले ही खुद को पब्लिक कंपनी में तब्दील कर लिया है, जो इसकी तीव्र रणनीति को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹3,655 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के ₹3,150 करोड़ से काफी बढ़ा है। इसके अलावा, ऑपरेशनल रेवेन्यू में 57.14% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹25,719.77 करोड़ से बढ़कर ₹16,366.47 करोड़ हो गई है। Tata Capital का बाजार में मजबूत दबदबा है, खासकर रिटेल, SME और कॉर्पोरेट लेंडिंग क्षेत्रों में
मार्च 2025 तक कंपनी के कुल ग्रॉस लोन ₹2,265 अरब से अधिक हैं। Tata Capital के पास 7 मिलियन से ज्यादा ग्राहक, 1,496 शाखाएं 1,102 अलग-अलग जगहों पर, और लगभग 30,000 कर्मचारी हैं, जो इसके व्यापक नेटवर्क का प्रमाण है। IPO के लिए Tata Capital ने कई प्रमुख निवेश बैंकों को बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में नियुक्त किया है। इनमें Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, BNP Paribas, Citigroup, HDFC Bank, ICICI Securities, IIFL Capital, SBI Capital Markets, HSBC Securities, और J.P. Morgan India शामिल हैं। MUFG Intime India रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह IPO लगभग ₹17,000 करोड़ जुटा सकता है, जो 2025 के सबसे बड़े और चर्चित शेयर इश्यू में से एक होगा। यह कदम Tata Capital को RBI की लिस्टिंग आवश्यकताओं के अनुरूप करते हुए निवेशकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले NBFC स्टॉक्स में निवेश का अवसर प्रदान करता है। IPO से जुटाई गई नई पूंजी कंपनी की लेंडिंग क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी, जबकि OFS मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका देगा। Tata Capital का यह IPO न केवल कंपनी के लिए बल्कि भारतीय वित्तीय बाजारों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। यह इश्यू भारत के NBFC सेक्टर में सार्वजनिक निवेश की नई लहर लेकर आएगा और निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत करेगा
अब सभी की नजरें इस IPO के प्राइसिंग, वैल्यूएशन और बाजार में इसकी मांग पर टिकी हैं। इस ऐतिहासिक कदम के साथ Tata Capital भारतीय वित्तीय सेवा क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत करता दिख रहा है और भविष्य में तेजी से बढ़ने की संभावनाओं को उजागर करता है