भारतीय शेयर बाजार ने अगस्त 4 को एक बेहतरीन वापसी की है, जब Nifty ने लगभग 157 अंक की तेजी के साथ 24,700 का स्तर पुनः हासिल किया। Sensex ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और 418.81 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,018.72 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी के साथ दोनों प्रमुख सूचकांक दो दिन की गिरावट के बाद फिर से सकारात्मक क्षेत्र में लौटे। बाजार के व्यापक हिस्से ने भी इस उछाल का समर्थन किया, खासकर midcap और smallcap सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। कुल मिलाकर 2049 शेयर बढ़त पर बंद हुए, जबकि 1607 शेयर गिरावट के साथ और 152 शेयर स्थिर रहे। India VIX, जो बाजार की निकटकालीन अस्थिरता को मापता है, लगभग एक प्रतिशत गिरा, जो यह संकेत देता है कि बाजार में फिलहाल किसी भी तरह की तत्काल घबराहट नहीं है। इस रैली के दौरान FMCG सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टरों ने हरे रंग में बंद किया। Metal, Banking और IT इंडेक्स की बढ़त इस तेजी का प्रमुख कारण रही। अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों की अपेक्षा कमजोर रिपोर्ट ने डॉलर को कमजोर किया और इससे Federal Reserve द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी, जिससे भारतीय बाजार को मजबूती मिली। Auto सेक्टर में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, खासकर Hero MotoCorp के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई
कंपनी ने जुलाई 2025 में 4.5 लाख यूनिट की बिक्री की सूचना दी, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। इसके तहत मोटरसाइकिल की बिक्री लगभग 18 प्रतिशत बढ़ी और स्कूटर की बिक्री 64 प्रतिशत से अधिक रही। इस बिक्री के आंकड़ों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया और Auto Stocks को तेजी से ऊपर ले गया। Tata Steel ने भी मजबूत जून तिमाही परिणामों और ब्रोकर्स के बुलिश रुख के चलते Nifty में महत्वपूर्ण तेजी में योगदान दिया। इस स्टीलमेकर के लिए आगे की राह मुख्य रूप से tariff negotiation के परिणाम पर निर्भर रहेगी, जो बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेगा। ICICI Securities के विश्लेषकों का मानना है कि यदि tariff negotiation में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं, तो Nifty पिछले कुछ हफ्तों में खोई हुई जमीन तेजी से वापस पा सकता है और जल्द ही 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकता है। वे यह भी कहते हैं कि मौजूदा समय में हम एक secular bull market में हैं, जहां वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के कारण बीच-बीच में आने वाले corrections को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए। इसलिए वे निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे tariff से जुड़ी अस्थिरता में घबराएं नहीं बल्कि इसे एक corrective phase मानकर मजबूत कमाई वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करें। इस तेजी के दौरान Metal, Banking और IT सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी, जबकि FMCG सेक्टर में पिछले सप्ताह की जोरदार तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने लाभांश लिया। बाजार की इस मजबूत वापसी ने यह दिखाया कि निवेशक अब भी भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की दीर्घकालिक संभावनाओं पर विश्वास बनाए हुए हैं
कुल मिलाकर, बाजार ने यह संकेत दिया है कि कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और संभावित Fed की दर कटौती के कारण विदेशी पूंजी भारतीय शेयरों की तरफ आकर्षित हो रही है। Auto और Metal Stocks की अच्छी बिक्री और मजबूत तिमाही रिपोर्टों ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है। अब बाजार की नजर tariff negotiations के परिणाम पर टिकी है, जो आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा तय करेगा। इस तेजी के साथ निवेशकों ने राहत की सांस ली है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि Nifty बहुत जल्द 25,000 के स्तर को पार कर सकता है, जो अगले बड़े कदम के लिए संकेत होगा। हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को संयम बरतते हुए रणनीतिक रूप से निवेश करना चाहिए, क्योंकि वैश्विक और घरेलू आर्थिक कारक बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। आखिरकार, आज का बाजार प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारतीय शेयर बाजार की मजबूती और निवेशकों का आत्मविश्वास अभी भी मजबूत है और यह सुधार की प्रक्रिया एक सुदृढ़ निवेश अवसर प्रदान कर रही है