Ather Energy के शेयरों पर सोमवार, 4 अगस्त को निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की निगाहें टिकी हैं क्योंकि कंपनी आज अपने जून तिमाही (Q1 FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित करने वाली है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता ने हाल ही में, 6 मई 2025 को अपने शेयरों को ₹321 के इश्यू प्राइस से 2% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट किया था। इस दिन BSE पर शेयर ₹326.05 से शुरू होकर ₹332.90 तक 3.70% की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं NSE पर भी शेयर ₹328 की लिस्टिंग प्राइस पर खुला, जो इश्यू प्राइस से 2.18% अधिक था। सोमवार को ट्रेडिंग की शुरुआत में Ather Energy का शेयर NSE पर ₹353.55 तक पहुंच गया, जो कि इश्यू प्राइस से करीब 10% ऊपर है। IPO के दौरान कंपनी का ₹2,981 करोड़ का इश्यू 1.43 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ था, जिसमें QIB और रिटेल निवेशकों का खासा उत्साह देखा गया। यह इस वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला मेनबोर्ड पब्लिक इश्यू था। IPO में ₹2,626 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए गए और प्रमोटर्स तथा अन्य शेयरहोल्डर्स ने 1.1 करोड़ शेयर ऑफर-फॉर-सेल किए। Ather Energy, Ola Electric Mobility के बाद दूसरी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी है जिसने सार्वजनिक रूप से शेयर जारी किए हैं। HSBC की एक हालिया रिपोर्ट में कंपनी के प्रति पॉजिटिव नजरिए को रेखांकित किया गया है
रिपोर्ट के मुताबिक, Ather भारत के चौथे सबसे बड़े इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता हैं, जिनका लगभग 14% बाजार हिस्सा है। कंपनी के वॉल्यूम में FY22 से FY25 के बीच 77% की CAGR वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि EBITDA मार्जिन -64% से बढ़कर -26% हो गया है। HSBC के इंडिया रिसर्च हेड Yogesh Aggarwal ने कहा है कि Ather की प्रोडक्ट क्वालिटी और तकनीकी नेतृत्व इतने मजबूत हैं कि इसे कॉम्पिटिटर्स के लिए दोहराना आसान नहीं होगा, भले ही उनके पास अधिक संसाधन हों। कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस करते हुए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है, जबकि Ola Electric को बाजार हिस्सेदारी में घाटा झेलना पड़ा है। इसके अलावा, IPO के बाद कंपनी की लिक्विडिटी में सुधार हुआ है, जिससे Ather अपने वितरण और बिक्री नेटवर्क का विस्तार कर रही है। अगस्त में कंपनी की नई EL प्रोडक्शन प्लेटफॉर्म लॉन्च होने वाली है, जो एकोनॉमी स्कूटर सेगमेंट में कदम रखने की तैयारी में है और यह बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। भारत में EV पेनिट्रेशन की धीमी गति, बैटरी की कीमतों में वृद्धि, प्रतिस्पर्धा का बढ़ना खासकर Honda EV की तेजी से बढ़ती उपस्थिति, और नेटवर्क विस्तार की देरी जैसी चुनौतियां कंपनी के सामने हैं। इसके अलावा, Hero MotoCorp (HMCL), जो कंपनी में लगभग 30.9% हिस्सेदारी रखता है, के साथ कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की संभावना भी एक जोखिम है क्योंकि HMCL के पास खुद VIDA ब्रांड के तहत EV टू-व्हीलर हैं और उसने Zero Motorcycles और Gogoro Inc. में भी निवेश किया है। सरकार द्वारा EV पर मिलने वाले सब्सिडी और इंसेंटिव्स में बदलाव भी कंपनी की मार्जिन पर असर डाल सकता है
GST की सामान्यीकरण प्रक्रिया और कच्चे माल की आपूर्ति में संभावित व्यवधान भी कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं। वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो, Ather Energy ने FY25 के अंतिम तिमाही में亏损 को ₹283.30 करोड़ से घटाकर ₹234.4 करोड़ कर दिया है। इस दौरान ऑपरेशंस से आय में 29.5% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹523.4 करोड़ से बढ़कर ₹676.1 करोड़ हो गई। पूरे FY25 में कंपनी का नेट नुकसान ₹812 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,059.7 करोड़ की तुलना में बेहतर है। HSBC की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी FY25 से FY28 के बीच 47% की राजस्व वृद्धि की उम्मीद कर रही है और EBITDA ब्रेकइवन 4QFY27 तक प्राप्त कर सकती है। FY28 तक कंपनी की ग्रॉस मार्जिन 28% और EBITDA मार्जिन लगभग 4% होने की संभावना है, जब मासिक उत्पादन लगभग 45,000 यूनिट तक पहुंच जाएगा, जो वर्तमान 14,000 से काफी अधिक है। इसके लिए महाराष्ट्र में कंपनी के नए प्लांट की पहली फेज (5,00,000 क्षमता) तैयार होगी। कुल मिलाकर, Ather Energy ने अपने प्रीमियम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाई है और बाजार में अपनी स्थिति को और बेहतर करने के लिए तैयार है। हालांकि, बाहरी जोखिम और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए, निवेशक कंपनी के तिमाही नतीजों और भविष्य की रणनीतियों पर विशेष ध्यान देंगे। आने वाले समय में EV सेगमेंट की वृद्धि और Ather की वैल्यूएशन पर इसका प्रभाव बाजार के लिए निर्णायक साबित होगा