ITC अपनी पहली तिमाही यानी Q1FY26 की वित्तीय रिपोर्ट 1 अगस्त 2025 को जारी करने जा रहा है। बाजार की उम्मीदें मिली-जुली हैं, जहां कंपनी के रेवेन्यू में मामूली वृद्धि के साथ-साथ नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ITC का standalone revenue पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3 से 5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जो ₹17,518 करोड़ से ₹17,700 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण कंपनी के agribusiness में बेहतर प्रदर्शन और सिगरेट की बिक्री में 3 से 6 प्रतिशत की वृद्धि को माना जा रहा है। पिछले साल की Q1 में ITC ने ₹17,000 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया था, जबकि पिछले तिमाही में यह ₹17,248 करोड़ था। दूसरी ओर, कंपनी का standalone net profit इस बार लगभग स्थिर रहने की संभावना है, जो ₹4,950 करोड़ से ₹5,050 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ITC ने ₹4,917 करोड़ का standalone net profit दर्ज किया था। पिछले तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹19,562 करोड़ था, लेकिन उसमें एक बार की विशेष आय शामिल थी जो ITC के होटल व्यवसाय के demerger से हुई थी। इस परिणाम की घोषणा के दौरान निवेशकों की नजर FMCG, cigarettes और agribusiness जैसे विभिन्न विभागों में राजस्व और बिक्री मात्रा की वृद्धि पर होगी। साथ ही, कंपनी के मैनेजमेंट द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मांग और उपभोग की स्थिति पर दी जाने वाली टिप्पणी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है
निवेशक ITC के dividend से जुड़ी घोषणाओं का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। Q1 के नतीजों से पहले ITC के शेयर 31 जुलाई को 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹411 पर बंद हुए। हालांकि इस साल अब तक ITC के शेयर लगभग 9.7 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। तकनीकी दृष्टिकोण से देखें तो ITC का स्टॉक 21-week और 50-week exponential moving averages (EMAs) के नीचे rangebound ट्रेड कर रहा है। ₹444 के आसपास एक मजबूत resistance मौजूद है, जो पिछले all-time high और दिसंबर 2024 के swing high से जुड़ी downward sloping trendline से मेल खाता है। वहीं, इसके लिए support ₹395 के आस-पास देखा जा रहा है। इस रेंज को क्लोजिंग स्तर पर पार किए बिना शेयर की दिशा साइडवेज़ ही रहने की संभावना है। ऑप्शन्स मार्केट की बात करें तो ITC के 28 अगस्त एक्सपायरी के लिए at-the-money (ATM) strike price ₹415 है। इस पर call और put दोनों ऑप्शन्स की कीमत ₹16 है, जो दर्शाता है कि ट्रेडर्स अगले एक महीने में ₹415 से लगभग ±3.9% की कीमत में उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले दस सत्रों में implied volatility लगभग 20 तक बढ़ा है, जो historical volatility (HV) से काफी ऊपर है
HV पिछले कुछ समय में स्थिर रहा है, जबकि volatility में एक छोटा स्पाइक देखा गया था। इतनी उम्मीदों के बीच ITC के लिए ऑप्शन ट्रेडिंग में long और short straddle रणनीतियां लोकप्रिय हो सकती हैं। यदि आप उम्मीद करते हैं कि ITC के शेयर की कीमत ±3.9% से ज्यादा हिलेगी, तो long straddle जिसमें एक ATM call और put दोनों खरीदे जाते हैं, एक लाभकारी विकल्प हो सकता है। इसके उलट, अगर आपको लगता है कि शेयर इस रेंज के भीतर ही रहेगा तो short straddle जिसमें एक ATM call और put बेचे जाते हैं, से आप volatility के गिरने पर लाभ कमा सकते हैं। हालांकि, ऑप्शन ट्रेडिंग जोखिम भरी होती है और इसे समझदारी से करना जरूरी है। ITC के Q1FY26 के नतीजों से पहले बाजार में हलचल जारी है और निवेशक बड़ी सावधानी के साथ इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी की मजबूत agribusiness और सिगरेट बिक्री के बावजूद कच्चे माल की महंगाई से मार्जिन पर दबाव बने रहने की संभावना है। परिणामस्वरूप, ITC के शेयर की कीमतों में सीमित रेंज में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर ITC के Q1 परिणाम निवेशकों के लिए अहम संकेत लेकर आ सकते हैं कि कंपनी की मौजूदा रणनीति और बाजार की मांग कैसे चल रही है, खासकर ग्रामीण भारत में। साथ ही, स्टॉक की तकनीकी सीमा और ऑप्शन मार्केट की स्थिति भी बताती है कि अगले कुछ हफ्तों में ITC में कोई बड़ी चाल देखने को मिल सकती है, लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा