भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 29 जुलाई को चौथे दिन भी कमजोरी के साथ शुरुआत की, जो एशियाई बाजारों के निचले स्तर पर खुलने और विदेशी निवेशकों के लगातार बिकवाली के दबाव की वजह से था। हालांकि, कुछ देर बाद बाजार में मजबूती आई और S&P BSE SENSEX ने तेजी के साथ 80,910.71 के स्तर को छुआ। वहीं, NSE का NIFTY50 भी 24,701.25 के स्तर पर 20.35 अंक ऊपर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों में मामूली बढ़त देखी गई, जबकि व्यापक बाजार मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 ने हल्की बढ़त के साथ 0.10% की तेजी दिखाई, वहीं Nifty Smallcap 0.45% नीचे गिरा। सेक्टर के लिहाज से Nifty IT और Nifty Consumer Durables में गिरावट देखने को मिली। Nifty IT सूचकांक 0.43% और Nifty Consumer Durables 0.12% नीचे बंद हुए। दूसरी तरफ, Nifty Metal ने 0.55%, Nifty Realty 0.66%, और Nifty Oil and Gas 0.69% की बढ़त दर्ज की, जो बाजार में कुछ सेक्टोरल रिलीफ की झलक दिखाती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को FIIs ने कुल ₹6,082.47 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,764.55 करोड़ के शेयर खरीदे
यह घरेलू निवेशकों की सक्रियता बाजार को सपोर्ट दे रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों की निकासी से बाजार का मनोबल प्रभावित हुआ है। वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजार भी कमजोरी के साथ खुले। जापान का Nikkei 0.80% गिरकर 40,672 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, वहीं Hong Kong का Hang Seng 1.29% गिरकर 25,233 पर था। Shanghai Composite भी 0.08% नीचे था। दक्षिण कोरिया का Kospi सूचकांक ही एकमात्र ऐसा था जो 0.57% की तेजी के साथ 3,227.87 के स्तर पर पहुंचा। दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में Wall Street का S&P 500 लगातार छठे दिन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 में मामूली बढ़त के साथ 6,389.77 का स्तर देखा गया, जबकि Nasdaq Composite 0.33% ऊपर बंद हुआ। मगर Dow Jones Industrial Average 0.14% गिरकर 44,837.56 पर बंद हुआ। NSE पर कुल 2,405 स्टॉक्स ने शुरुआती सत्र में कारोबार किया, जिनमें 1,278 स्टॉक्स हरे निशान में थे और 1,036 लाल निशान में। 91 स्टॉक्स का भाव स्थिर रहा
इस आंकड़े से साफ पता चलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर सकारात्मकता थी। इसके अलावा, 16 स्टॉक्स ने एक साल के उच्चतम स्तर को छुआ, जबकि 31 स्टॉक्स ने 52 सप्ताह के निचले स्तर को टच किया। मार्केट में उतार-चढ़ाव के चलते 22 स्टॉक्स ने अपने निचले सर्किट लगाये और 29 ने ऊपरी सर्किट पर ट्रेड किया। वोलैटिलिटी का सूचक India VIX भी 0.51% बढ़कर 12.13 पर था, जो बाजार में अनिश्चितता को दर्शाता है। NIFTY50 इंडेक्स के अंदर 31 स्टॉक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे जबकि 19 स्टॉक्स गिरावट में थे। इस दौरान Eternal के शेयर सबसे ज्यादा 1.72% गिर गये, वहीं SBI Life Insurance, Infosys, Bharat Electronics और Wipro भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, JSW Steel ने 1.7%, IndusInd Bank 1.3%, Jio Financial Services 1.19%, Reliance Industries 0.82% और Tata Motors 0.80% की बढ़त के साथ बाजार को मजबूत बनाने में मदद की। यह ट्रेडिंग सत्र विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों के खरीदारी के चलते बाजार में मिश्रित रुख का परिचायक रहा। वैश्विक स्तर पर भी आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट कमाई के परिणामों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। भविष्य में आने वाले आर्थिक आंकड़े और विभिन्न देशों के व्यापार सौदों की प्रगति बाजार की दिशा तय करेगी
इस बीच, निवेशक सतर्कता बरतते हुए SIP के माध्यम से नियमित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच समय से बेहतर निरंतरता से निवेश करना फायदेमंद माना जा रहा है। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को शुरुआत में कमजोरी दिखाई लेकिन बाद में अच्छी रिकवरी की, हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में दबाव बना हुआ है। आगामी कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा विदेशी और घरेलू दोनों कारकों पर निर्भर होगी