NephroPlus और Lenskart का IPO धमाका: जानिए कैसे बदलेंगे भारतीय शेयर बाजार के खेल दो बड़े भारतीय कॉर्पोरेट्स, Nephrocare Health Services (NephroPlus) और Lenskart, इस साल अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जो भारतीय IPO मार्केट में एक बड़ा बदलाव लेकर आ सकते हैं। NephroPlus ने हाल ही में SEBI को अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल करते हुए लगभग ₹353.4 करोड़ जुटाने का इरादा जाहिर किया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1.27 करोड़ शेयरों की ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी प्रस्तावित है। NephroPlus देश की सबसे बड़ी ऑर्गनाइज्ड डायलिसिस सर्विसेज चेन है, जिसके 447 क्लीनिक 269 शहरों में 21 राज्यों में मौजूद हैं, साथ ही फिलीपींस, नेपाल, उज्बेकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों में भी इसका संचालन है। NephroPlus के इस फंड रेजिंग का मकसद अपने डायलिसिस नेटवर्क का विस्तार करना है, जिसके लिए ₹129.1 करोड़, कर्ज चुकाने के लिए ₹136 करोड़ और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए भी धनराशि इस्तेमाल की जाएगी। इस IPO में ICICI Securities, Nomura, Ambit, IIFL और KFin Technologies जैसे प्रमुख कैपिटल मार्केट्स इंटरमीडियरीज को जोड़ा गया है, जो इसके सफल निष्पादन में मदद करेंगे। वहीं दूसरी ओर, eyewear सेक्टर के दिग्गज Lenskart ने अपनी Annual General Meeting (AGM) में ₹2,150 करोड़ के IPO प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी ने हाल ही में अपने आप को एक प्राइवेट लिमिटेड से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदला है, जो कि DRHP दाखिल करने से पहले की अनिवार्य प्रक्रिया है। Lenskart इस IPO के जरिए लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक की राशि जुटाने की योजना बना रही है, जिससे इसकी वैलुएशन $10 बिलियन तक पहुंच जाएगी, जो इसके पिछले फंडिंग राउंड के $5 बिलियन से दोगुनी है। Lenskart ने FY2024 में अपने नुकसान को 84% तक कम किया है, जो इसके वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार को दर्शाता है
कंपनी के फाउंडर्स—Peyush Bansal, Neha Bansal और Amit Chaudhary—को भी सार्वजनिक लिस्टिंग से पहले वार्षिक ₹12 करोड़ की फिक्स सैलरी देने की व्यवस्था की गई है, जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। NephroPlus का IPO भारतीय डायलिसिस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, जहां अभी भी किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं की काफी कमी है। कंपनी अपने क्लीनिक नेटवर्क को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बढ़ाने की योजना बना रही है। इस क्षेत्र में बढ़ती मांग और निरंतर विस्तार संभावनाओं को देखते हुए NephroPlus का यह कदम स्वास्थ्य सेवा सेक्टर में निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पेश करता है। दूसरी ओर, Lenskart का IPO भारत में टेक-ड्रिवन कंज्यूमर ब्रांड्स के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। eyewear कंपनी ने अब तक 2,500 से अधिक स्टोर्स स्थापित किए हैं और एशिया के कई देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। Temasek और Fidelity जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन भी इस IPO को और मजबूत बनाता है। दोनों कंपनियों के IPO भारतीय शेयर बाजार में स्वास्थ्य सेवा और कंज्यूमर-टेक सेक्टर में निवेश के नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं। NephroPlus के लिए यह ताजा पूंजी नेटवर्क विस्तार और कर्ज कम करने में मददगार साबित होगी, जबकि Lenskart सार्वजनिक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए बहु-अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर कारोबार करेगा। इन IPOs से न केवल दोनों कंपनियों के विकास को बल मिलेगा, बल्कि यह भारत के स्वास्थ्य और उपभोक्ता तकनीकी क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाएंगे, जिससे देश की IPO लिस्टिंग गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी
NephroPlus और Lenskart की यह पहल भारतीय IPO मार्केट में एक नई उम्मीद और संभावनाओं के द्वार खोलने वाली साबित होगी