Shanti Gold International का IPO अपने पहले दिन के सब्सक्रिप्शन में निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। ₹360.11 करोड़ के इस IPO को पहले दिन केवल 1.15 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो बाजार में इस सोने के आभूषण निर्माता कंपनी के प्रति सतर्कता और कमजोर रुचि को दर्शाता है। IPO की कीमत ₹199 प्रति शेयर तय की गई है, लेकिन निवेशकों का उत्साह अपेक्षा से कम नजर आया। IPO के पहले दिन Retail Investors ने 1.84 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ सबसे अच्छी भागीदारी दिखाई, वहीं Non-Institutional Investors (NII) का सब्सक्रिप्शन 1.09 गुना था। इसके विपरीत, Qualified Institutional Buyers (QIB) ने मात्र 0.01 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया, जो संस्थागत निवेशकों की इस कंपनी के प्रति गहरी चिंता को दर्शाता है। कुल मिलाकर, इस IPO में कुल 1,31,919 आवेदन प्राप्त हुए। IPO के पहले दिन की स्थिति को देखें तो QIB की भागीदारी लगभग नगण्य रही, जो इस बड़े इश्यू के लिए एक बड़ी चिंता की बात है। Non-Institutional Investors का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं था। NII में बड़े निवेशकों (bNII) की भागीदारी 0.90 गुना रही, जबकि छोटे निवेशकों (sNII) ने 1.47 गुना सब्सक्रिप्शन देकर थोड़ी बेहतर प्रतिक्रिया दी है। यह दर्शाता है कि छोटे HNI निवेशक कंपनी के प्रति अपेक्षाकृत ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं
Retail Investors ने IPO में सबसे ज्यादा हिस्सा लिया, लेकिन 1.84 गुना सब्सक्रिप्शन भी यह संकेत देता है कि खुदरा निवेशकों की रुचि सीमित और सतर्क है। कुल मिलाकर, IPO के पहले दिन के आंकड़े यह बताते हैं कि Shanti Gold International के शेयरों को लेकर बाजार में उत्साह की कमी है। IPO के तहत कुल 1,26,67,200 शेयर ऑफर किए गए थे, जबकि कुल बिड 1,46,21,325 शेयरों की आई। कुल राशि लगभग ₹290.96 करोड़ रही, जो कि इश्यू साइज ₹360.11 करोड़ से काफी कम है। इस बड़ी रकम के बावजूद निवेशकों का धीमा रुख कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है। Shanti Gold International Limited की स्थापना 2003 में हुई थी और यह कंपनी 22 कैरेट CZ कास्टिंग गोल्ड ज्वेलरी के निर्माण में विशेषज्ञ है। कंपनी की उत्पाद श्रृंखला में बंगल्स, रिंग्स, नेकलेस और सेट्स शामिल हैं, जो विभिन्न अवसरों जैसे शादी, त्योहार और रोजमर्रा की पहनावा के लिए उपयुक्त हैं। कंपनी की यह विविधता निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुई है, जैसा कि IPO के पहले दिन के आंकड़े दिखा रहे हैं। कंपनी के IPO में निवेशकों की रुचि कम होने की एक वजह हो सकती है इसका बड़ा इश्यू साइज, जो ₹360 करोड़ से अधिक है। बाजार में मौजूदा अनिश्चितता और सोने के आभूषण निर्माता के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा इस IPO के प्रति सतर्कता बढ़ा रही है
विशेष रूप से QIB की तरफ से मिली बेहद कमजोर प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि बड़े संस्थागत निवेशक इस कंपनी के शेयरों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। IPO के पहले दिन के आंकड़ों के अनुसार, Retail Investors ने कुल ₹231.39 करोड़ का आवेदन दिया, जबकि Non-Institutional Investors ने ₹59.03 करोड़ का आवेदन किया। Qualified Institutional Buyers ने मात्र ₹0.54 करोड़ का आवेदन दिया, जो तुलनात्मक रूप से बहुत कम है। इस IPO की धीमी शुरुआत के बावजूद, यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में सब्सक्रिप्शन में कोई सुधार होता है या नहीं। निवेशकों की सतर्कता और बाजार की नकारात्मक प्रतिक्रिया से यह साफ है कि Shanti Gold International के शेयरों की मांग फिलहाल कमजोर बनी हुई है। IPO के पहले दिन के आंकड़े निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हैं कि इस सोने की ज्वेलरी निर्माता कंपनी के शेयरों को लेकर बाजार में अभी सतर्कता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर IPO के अगले चरणों पर टिकी रहेगी, जो तय करेगा कि Shanti Gold International का यह IPO कितना सफल होता है। कुल मिलाकर, Shanti Gold International का IPO पहले दिन के प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी को निवेशकों का भरोसा पाने के लिए और मेहनत करनी होगी। खासकर बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और खुदरा निवेशकों के साथ-साथ NII से भी मजबूत रुचि जुटाना कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई है