भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे निवेशकों के बीच बेचैनी और बढ़ गई। NIFTY50 इंडेक्स 157 अंकों की गिरावट के साथ 25,062 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि SENSEX भी 542 अंकों की गिरावट के साथ 82,184 पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेतों के बावजूद, घरेलू बाजार में बेचैनी के कई कारण सामने आए हैं। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जापान और फिलीपींस के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील की प्रगति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली की। FIIs ने कुल 4,209.11 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। इसके अलावा, Q1 के नतीजों ने भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। Infosys, Dr Reddy’s Labs, Coforge और Tata Consumer Products के तिमाही परिणामों पर निवेशकों की नजर बनी रही। हालांकि कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कुल मिलाकर बाजार की धारणा नकारात्मक रही। आर्थिक संकेतकों में एक सकारात्मक खबर भी आई है
HSBC Flash India Manufacturing PMI जुलाई में 59.2 पर पहुंच गया, जो जून के 58.4 से बेहतर है और पिछले 17 वर्षों में सबसे ऊंचा आंकड़ा है। यह दर्शाता है कि भारत के निजी क्षेत्र में उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियाँ मजबूती पकड़ रही हैं। इसके बावजूद, इस सकारात्मक आर्थिक संकेत ने शेयर बाजार की कमजोरी को नहीं रोक पाया। बाजार में सबसे बड़ा झटका Indian Energy Exchange (IEX) को लगा। CERC (Central Electricity Regulatory Commission) ने 1 जनवरी 2026 से मार्केट कपलिंग मैकेनिज्म को मंजूरी दे दी है, जिससे IEX की मौजूदा एकाधिकार स्थिति खतरे में आ गई है। इस फैसले के बाद IEX के शेयरों में भारी गिरावट आई, जो दिन के अंत तक 27% तक लुढ़क कर ₹135 प्रति शेयर पर बंद हुए। यह गिरावट कंपनी के राजस्व और लाभप्रदता पर नकारात्मक प्रभाव की आशंका को दर्शाती है। NIFTY50 में कुल 34 स्टॉक्स लाल निशान पर रहे, जबकि केवल 16 स्टॉक्स ने हरे निशान के साथ बंद किया। Eternal (+3.4%), Dr Reddy’s (+1.7%), Tata Motors (+1.6%), Tata Consumer (+0.9%) ने बाजार में बढ़त दिखाई, पर Nestle India (-5.5%), Trent (-3.9%), Tech Mahindra (-3.2%) और Shriram Finance (-3.1%) जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। NIFTY Midcap 100 इंडेक्स भी benchmark indices के साथ मेल खाते हुए 0.5% नीचे 58,960 के स्तर पर बंद हुआ
NIFTY Smallcap 100 इंडेक्स पर भी भारी बिकवाली देखी गई, जो 1% से अधिक गिरकर 18,686 पर बंद हुआ। कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रहा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता, साथ ही IEX पर regulatory बदलाव ने बाजार के मूड को प्रभावित किया। हालांकि, आर्थिक संकेतक जैसे PMI का उभरना एक सकारात्मक पहलू है, पर फिलहाल निवेशक जोखिम से बचते हुए सतर्क बने हुए हैं। बाजार की यह कमजोरी अगले कुछ कारोबारी सत्रों में भी जारी रह सकती है, जब तक वैश्विक और घरेलू आर्थिक घटनाक्रम में स्पष्टता नहीं आती