Monika Alcobev Limited, जो कि एक प्रमुख luxury alcoholic beverages का importer और distributor है, ने 23 जुलाई 2025 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर अपने IPO के बाद एक धीमी शुरुआत की। कंपनी ने अपने IPO को 16 से 18 जुलाई 2025 के बीच बंद किया था। इसके बाद ट्रेडिंग की शुरुआत issue price से मात्र 0.7% ऊपर ₹288 पर हुई, जो कि निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। यह मामूली प्रीमियम इस बात का संकेत है कि भले ही शराब के इस क्षेत्र में moderate subscription मिला हो, लेकिन निवेशकों की उम्मीदें बहुत ऊंची नहीं थीं। Monika Alcobev ने अपने IPO को ₹286 प्रति शेयर की कीमत पर लॉन्च किया था, जिसमें न्यूनतम निवेश ₹2,28,800 था यानी 800 शेयरों का एक लॉट। IPO को कुल मिलाकर 4.08 गुना subscription मिला, जिसमें Non-Institutional Investors (NII) ने अग्रणी भूमिका निभाई और 8.86 गुना subscription दिया। वहीं retail investors ने 2.92 गुना और Qualified Institutional Buyers (QIB) ने केवल 2.54 गुना subscription दिया, जो संस्थागत निवेशकों की थोड़ी सतर्कता को दर्शाता है। IPO के पहले दिन शेयर की कीमत में केवल ₹2 का बढ़त रही, जिससे उन निवेशकों को ₹800 प्रति लॉट का मामूली लाभ हुआ। यह हल्की बढ़त इस क्षेत्र में valuation को लेकर बाजार की अनिश्चितता को स्पष्ट करता है। Monika Alcobev के इस धीमे प्रदर्शन से यह भी पता चलता है कि शराब के सेक्टर में निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है, भले ही कंपनी का मार्केट में एक स्थापित स्थान हो
कंपनी 2015 में स्थापित हुई थी और यह भारत, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में 70 से अधिक प्रीमियम ब्रांड्स जैसे Jose Cuervo, Bushmills, और Onegin Vodka का निर्माण नहीं, बल्कि आयात और वितरण करती है। इसके ग्राहक HORECA (Hotels, Restaurants, Catering), रिटेल और ट्रैवल रिटेल सेक्टर्स हैं। कंपनी के 191 फुल-टाइम कर्मचारी हैं और इसके पास bonded warehouses भी हैं, जो सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। Monika Alcobev के ग्रोथ ड्राइवर्स में इसके मार्केट लीडरशिप की स्थिति, हाई एंट्री बैरियर, व्यापक वितरण नेटवर्क और बढ़िया वित्तीय प्रदर्शन शामिल हैं। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹238.36 करोड़ हो गया, जबकि PAT में 39% की बढ़ोतरी हुई और ₹23.11 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया। कंपनी का ROE 29.91% है, जो इसके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी के सामने कई चुनौतियां भी हैं। इसका debt-to-equity ratio 1.81 है, जो कि ₹174.10 करोड़ के कर्ज को दर्शाता है और वित्तीय दबाव का संकेत देता है। इसके अलावा, शराब के सेक्टर में कड़े नियम और लाइसेंसिंग की जटिलताएं भी कंपनी के लिए जोखिम हैं। इसके साथ ही, कंपनी का फोकस मुख्य रूप से luxury alcoholic beverages पर है, जो आर्थिक मंदी में discretionary खर्चों के प्रभाव से प्रभावित हो सकता है
IPO से जुटाए गए फंड का उपयोग मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल के लिए ₹100.64 करोड़, कर्ज की पूर्व भुगतान के लिए ₹11.45 करोड़ और बाकी राशि का इस्तेमाल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। यह कदम कंपनी की पूंजी संरचना को मजबूत करने और व्यवसाय विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है। Monika Alcobev का बाजार पूंजीकरण ₹613.47 करोड़ है, और EBITDA मार्जिन 19.56% है, जो इसके लाभप्रद मॉडल को दर्शाता है। कंपनी की वित्तीय मजबूती, व्यापक ब्रांड पोर्टफोलियो और वितरण नेटवर्क भारतीय उपमहाद्वीप में प्रीमियम शराब के बढ़ते बाजार में इसे एक खास स्थान देते हैं। हालांकि IPO की लिस्टिंग पर मिली धीमी प्रतिक्रिया और मामूली प्रीमियम इस बात का संकेत है कि निवेशक अभी भी इस सेक्टर की अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्क हैं। खासकर regulatory hurdles और उच्च कर्ज के कारण कई निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इसके बावजूद, Monika Alcobev का बाजार में नेतृत्व और वित्तीय प्रदर्शन इसे एक संभावित लंबी अवधि का निवेश विकल्प बनाते हैं। कुल मिलाकर Monika Alcobev का IPO भारतीय प्रीमियम alcoholic beverages सेक्टर में निवेश के लिए एक niche अवसर प्रस्तुत करता है। लेकिन निवेशकों की सतर्कता और बाजार की मन्दी की आशंकाओं ने इसकी शुरुआत को धीमा कर दिया है। यह स्थिति भविष्य में सेक्टर के विकास और कंपनी की रणनीतियों पर निर्भर करेगी कि क्या यह कंपनी निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर पाएगी