FMCG क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Colgate Palmolive (India) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में कमजोर प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने मंगलवार, 22 जुलाई को जारी किए गए आंकड़ों में बताया कि जून 30 को समाप्त तिमाही में इसका नेट प्रॉफिट ₹321 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹364 करोड़ था। इस प्रकार कंपनी का नेट प्रॉफिट 12% कम हुआ है। Colgate की रेवेन्यू (Revenue from Operations) भी साल-दर-साल (YoY) आधार पर गिरावट दर्ज करते हुए ₹1,421 करोड़ पर आ गई, जबकि Q1 FY25 में यह ₹1,486 करोड़ थी। यह लगभग 4.3% की कमी दर्शाता है। इसके साथ ही कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिट या EBITDA भी 13.2% गिरकर ₹439 करोड़ रह गई, जो पिछले साल की पहली तिमाही में ₹506 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी 34.07% से घटकर 30.91% रह गया। कंपनी के शेयर National Stock Exchange पर ₹2,370 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे, जो कि पिछले बंद स्तर से 0.92% नीचे है। Colgate के Managing Director & CEO Prabha Narasimhan ने इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “हमारे Q1 के नतीजे उस समय के कठिन परिचालन माहौल को दर्शाते हैं, जिसमें मुख्य रूप से शहरी मांग में सुस्ती और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण चुनौतियां आई हैं। इसके अलावा, इस तिमाही का प्रदर्शन पिछले वर्ष के उच्च आधार को पार करने की वजह से भी प्रभावित हुआ है
” उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने नवाचार (innovation) में जोर दिया है और बच्चों के उत्पादों तथा माउथवॉश (mouthwash) पोर्टफोलियो में दो नए उत्पाद जोड़े हैं। “हम अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को लागू करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रीमियम सेगमेंट में हमारी प्रगति अच्छी रही है और इस पोर्टफोलियो ने मजबूत राजस्व वृद्धि दी है। हमने ब्रांड निवेश को भी प्राथमिकता दी है, जिससे हमारे स्वस्थ लाभ मार्जिन का फायदा मिला है। हम उम्मीद करते हैं कि वर्ष के दूसरे छमाही में स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी,” Narasimhan ने आगे कहा। Colgate-Palmolive (India) की स्थापना 1937 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख ओरल केयर कंपनी के रूप में स्थापित है। कंपनी Colgate ब्रांड के तहत टूथपेस्ट, टूथब्रश, टूथ पाउडर, ऑयल पुलिंग उत्पाद और माउथवॉश बनाती और बेचती है। इसके अलावा Palmolive ब्रांड के तहत विशेष व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद भी बाजार में उपलब्ध कराती है। कंपनी का कारोबार ₹4,800 करोड़ से अधिक का है और यह अपने शेयरधारकों के लिए लगातार मूल्य संवर्धन करती आ रही है। इस तिमाही के परिणामों ने Colgate के सामने मौजूदा आर्थिक और बाजार चुनौतियों को स्पष्ट रूप से दिखाया है
शहरी क्षेत्रों में मांग की धीमी गति और प्रतिस्पर्धा की तीव्रता ने कंपनी की बिक्री और मुनाफे दोनों पर दबाव डाला है। साथ ही, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वित्तीय लागत की बढ़ोतरी ने भी मार्जिन को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि Colgate की प्रीमियम श्रेणी में निवेश और नए उत्पादों की पेशकश कंपनी को लंबी अवधि में लाभ पहुंचा सकती है, लेकिन मौजूदा तिमाही के परिणामों ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ाई हैं। कंपनी की रणनीतियां और बाजार की मांग में सुधार आने पर ही आगे के परिणाम बेहतर होंगे। फिलहाल, शेयर बाजार में Colgate के शेयरों की कीमत में मामूली गिरावट जारी है, जो निवेशकों के बीच सतर्कता को दर्शाता है। कुल मिलाकर, Colgate Palmolive (India) का Q1 FY26 वित्तीय प्रदर्शन कुछ चुनौतियों से घिरा रहा है। कंपनी ने उच्च प्रतिस्पर्धा और मांग की कमी के बीच अपने प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे भविष्य में बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल के आर्थिक माहौल और बाजार स्थितियों को देखते हुए कंपनी के लिए स्थिरता हासिल करना आसान नहीं होगा