हाल ही में FII (Foreign Institutional Investors) का long-short ratio 15 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गया है, जो पिछले कुछ समय में सबसे कम है। SBI Securities के Head – Technical and Derivative Research, Sudeep Shah के मुताबिक, जब भी यह अनुपात 15 प्रतिशत से नीचे गिरता है, तो बाजार में गिरावट सीमित रहती है और अक्सर इसके बाद एक मजबूत वापसी देखने को मिलती है। हालांकि फिलहाल FIIs का नजरिया काफी नकारात्मक है और उन्होंने इस महीने लगभग ₹17,000 करोड़ के शेयर बेच दिए हैं, लेकिन इस अत्यंत नीचे आए long-short ratio का मतलब यह भी है कि बाजार में नकारात्मकता का बड़ा हिस्सा पहले ही कीमतों में समा चुका है। अगर कोई सकारात्मक ट्रिगर सामने आता है तो बाजार में तेजी आने की संभावना बनी हुई है। Nifty 50 की बात करें तो यह लगातार तीन हफ्तों से कमजोरी दिखा रहा है और पिछले सप्ताह भी यह लाल रंग में बंद हुआ। इसके weekly चार्ट पर bearish candle बनने के साथ lower high और lower low की संरचना नजर आ रही है, जो स्पष्ट रूप से downward momentum को दर्शाती है। Nifty ने तीन बार 20-day EMA को पार करने की कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रहा और अब यह decisively 20-day EMA के नीचे कारोबार कर रहा है। 20-day EMA भी नीचे की ओर झुकाव दिखा रहा है, जो bearish संकेतों को मजबूत करता है। साथ ही, 50-day और 100-day EMAs का slope भी फ्लैट हो रहा है, जो मध्यकालीन समय में तेजी की कमजोरी को दर्शाता है। मॉमेन्टम इंडिकेटर की बात करें तो daily RSI 43 पर ट्रेड कर रहा है, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है
RSI न केवल 9-day moving average से नीचे है, बल्कि दोनों गिरावट में हैं, जो बाजार की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। इसके अलावा, आने वाले सप्ताह में सोमवार का सत्र अहम होगा क्योंकि कई बड़ी कंपनियां Q1 के नतीजे घोषित करेंगी, जिनका बाजार पर असर पड़ सकता है। Nifty के लिए 24,940-24,900 का जोन तात्कालिक सपोर्ट के रूप में काम करेगा, जो 50-day EMA और 61.8% Fibonacci retracement का संगम है। यदि यह स्तर टूटता है तो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 24,700 पर होगा। ऊपर की ओर 25,130-25,160 का जोन रेजिस्टेंस के रूप में कार्य करेगा। Bank Nifty की स्थिति भी चिंताजनक है। यह भी लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट में रहा और शुक्रवार को Rising Wedge पैटर्न से breakdown के साथ 20-day EMA के नीचे आ गया। इसका daily RSI भी 45 पर है, जो मार्च 2025 के बाद सबसे निचला स्तर है, जो momentum की कमजोरी को दर्शाता है। Bank Nifty के लिए 50-day EMA जोन (55,950-55,850) तात्कालिक सपोर्ट करेगा। यदि यह टूटता है तो अगला सपोर्ट 55,300 पर नजर आएगा
ऊपर की ओर 20-day EMA (56,700-56,800) रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। जहां तक individual स्टॉक्स की बात है, Sudeep Shah के अनुसार NMDC, KIMS Hospital और GMDC अगले कुछ ट्रेडिंग सत्रों में तेजी जारी रख सकते हैं। खास बात यह है कि KIMS Hospital और GMDC में हाल ही के तेज उछाल के बावजूद momentum indicators overbought क्षेत्र में नहीं हैं, जो आगे और तेजी का संकेत है। NMDC ने हाल ही में दैनिक स्तर पर consolidation breakout दिया है और वॉल्यूम भी मजबूत है, जो इसके तेजी के रुख को समर्थन देता है। Sudeep Shah ने दो और स्टॉक्स की भी सिफारिश की है। Dalmia Bharat ने consolidation breakout के साथ मजबूत वॉल्यूम दिखाया है और सभी मूविंग एवरेजेस तथा momentum indicators इसके लिए bullish संकेत देते हैं। इसे ₹2,260-2,240 के जोन में accumulate करने की सलाह दी गई है, साथ ही stop-loss ₹2,170 रखा गया है। ऊपर की ओर यह ₹2,400 तक जा सकता है। Godrej Properties ने भी ₹2,192 के स्तर पर सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी के साथ वॉल्यूम भी बढ़ा है। यह स्टॉक अपने short और long-term moving averages के ऊपर ट्रेड कर रहा है और daily RSI 60 के करीब है
इसे ₹2,370-2,350 के जोन में accumulate करने की सलाह दी गई है, और stop-loss ₹2,280 पर रखा गया है। इसका लक्ष्य ₹2,500 के स्तर तक जाना है। FIIs के नकारात्मक रुख के बावजूद, Sudeep Shah का मानना है कि जब FII long-short ratio इतनी निचली सीमा पर आता है तो बाजार में गिरावट सीमित रहती है और रिवर्सल की संभावना बनती है। इसलिए फिलहाल बाजार में जो भी नकारात्मकता है, वह पहले ही कीमतों में शामिल हो चुकी है। अगर कोई सकारात्मक आर्थिक या कंपनी से जुड़ा खबर आती है तो बाजार तेजी के मूड में आ सकता है। इसलिए आने वाले कुछ सत्रों में बाजार की दिशा Q1 नतीजों और सकारात्मक ट्रिगर पर निर्भर करेगी। फिलहाल, Nifty और Bank Nifty दोनों ही कमजोर हैं लेकिन अत्यधिक pessimism के चलते बाजार में कोई भी छोटी सी अच्छी खबर तेजी के लिए बड़ी मौका दे सकती है। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी से बाजार के संकेतों को समझने का है क्योंकि निचले long-short ratio के कारण बाजार में बड़े उलटफेर की संभावना बढ़ गई है