Mutual Fund ने हाल ही में भारत के तेजी से बढ़ते और बदलते पावर सेक्टर में निवेश के लिए एक नया विकल्प प्रस्तुत किया है। इस नए प्रोडक्ट का नाम है BSE Power ETF FOF (Fund of Fund), जो खुला (open-ended) स्कीम है और सीधे BSE Power ETF की यूनिट्स में निवेश करता है। इस ETF का उद्देश्य है BSE Power Index – TRI को ट्रैक करना, जो देश के पावर सेक्टर के प्रमुख खिलाड़ियों को कवर करता है। बिजली की बढ़ती मांग, क्लीन एनर्जी में बदलाव और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, यह ETF निवेशकों को कम लागत में भारत के पावर सेक्टर का एक्सपोजर देने का एक फोकस्ड माध्यम बनकर सामने आया है। यह फंड खास तौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो भारत की ऊर्जा संरचना में हो रहे दीर्घकालिक बदलाव से कैपिटल ग्रोथ की उम्मीद रखते हैं। निवेशक इस स्कीम के जरिए बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और उपकरण निर्माण में लगे टॉप कंपनियों में हिस्सा ले सकते हैं। BSE Power ETF FOF की NFO 18 जुलाई 2025 से खुली है और 1 अगस्त 2025 तक निवेश किया जा सकता है। न्यूनतम निवेश राशि ₹500 रखी गई है, जो इसे आम निवेशकों के लिए भी सहज बनाती है। इस फंड में न तो कोई एंट्री लोड है और न ही कोई एग्जिट लोड, जिससे निवेश में और पारदर्शिता आती है। BSE Power ETF, जिसे यह फंड फंड में निवेश करता है, BSE Power Index – TRI को ट्रैक करता है
यह इंडेक्स भारत के पावर सेक्टर के सभी महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करता है, जिसमें पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और उपकरण निर्माता कंपनियां शामिल हैं। इंडेक्स की कंपनियों का चयन BSE 500 यूनिवर्स के फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के आधार पर होता है और सेमी-एनुअली इसका रीकॉन्स्टिट्यूशन होता है ताकि सेक्टर का बेहतर प्रतिनिधित्व हो सके। हालांकि, BSE Power ETF एक हाई-रिस्क इन्वेस्टमेंट है क्योंकि यह इक्विटी मार्केट की वोलैटिलिटी और एक थीमेटिक सेक्टर में निवेश करता है, जो एकाग्रता जोखिम बढ़ाता है। निवेश की वापसी इंडेक्स में शामिल कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। लेकिन इसके लिए जोखिम कम करने की रणनीति भी अपनाई गई है। ETF के जरिए निवेश स्टॉक-स्पेसिफिक जोखिम को कम करता है क्योंकि यह एक व्यवस्थित और व्यापक इंडेक्स को फॉलो करता है। पैसिव मैनेजमेंट की वजह से इसमें कम लागत आती है और एक्जीक्यूशन अधिक कुशल होता है, जिससे लंबी अवधि में वोलैटिलिटी को सहने में मदद मिलती है। इस स्कीम के लिए उपयुक्त निवेशक वे हैं जो भारत के पावर सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ में विश्वास रखते हैं, जो कम लागत और पारदर्शी थीमैटिक एक्सपोजर चाहते हैं, जिनका उच्च जोखिम सहन करने का क्षमता है और जो सीधे स्टॉक पिकिंग में सहज नहीं हैं। BSE Power ETF FOF के तहत निवेश सीधे BSE Power ETF की यूनिट्स में होगा, जो निम्नलिखित क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों में अपने निवेश को वितरित करता है: – पावर जनरेशन में NTPC और Adani Power जैसे बड़े नाम शामिल हैं। – ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में Power Grid और Torrent Power जैसी फर्में हैं
– उपकरण निर्माण में BHEL, ABB, Siemens जैसे दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। यह फंड निवेशकों को भारत के पावर सेक्टर में एक व्यापक और विविधीकृत पोर्टफोलियो प्रदान करता है, जो देश की ऊर्जा आवश्यकताओं में हो रहे निरंतर परिवर्तनों और विस्तार को कैप्चर करता है। इस तरह का निवेश विकल्प उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बाजार की जटिलताओं से बचना चाहते हैं और कम लागत में भारत के पावर सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं। BSE Power ETF FOF से निवेशक न केवल बिजली उत्पादन से जुड़े बड़े खिलाड़ियों में भागीदार बनेंगे, बल्कि ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और उपकरण निर्माण के क्षेत्र में भी निवेश का अवसर पाएंगे। कुल मिलाकर, Mutual Fund की यह नई पेशकश भारत के पावर सेक्टर में निवेश के लिए एक रणनीतिक विकल्प प्रदान करती है, जो निवेशकों को देश की ऊर्जा क्षेत्र की दीर्घकालिक ताकत से जोड़ती है। बिजली की बढ़ती मांग और क्लीन एनर्जी की दिशा में हो रहे निवेश के चलते, यह ETF फंड भारतीय बाजार के उन हिस्सों में निवेश के लिए बेहतर माध्यम साबित हो सकता है जो भविष्य में तेजी से बढ़ने की संभावना रखते हैं। इस अवसर का लाभ उठाते हुए निवेशक अपनी पोर्टफोलियो में पावर सेक्टर की प्रमुख कंपनियों को शामिल कर सकते हैं और भारत की ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बन सकते हैं