भारत में सोने की कीमतों में इस सप्ताह के शुरुआती दिनों की मामूली गिरावट के बाद गुरुवार, 17 जुलाई 2025 को थोड़ी वृद्धि देखी गई है। वैश्विक बाजारों के स्थिर संकेतों और सोने की सुरक्षित निवेश संपत्ति के रूप में निरंतर आकर्षण के बीच यह मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही रोजाना के स्तर पर कीमतों में हल्की-फुल्की उतार-चढ़ाव हो रहे हैं, लेकिन सोना अभी भी मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितताओं के खिलाफ एक लोकप्रिय हेज के तौर पर बना हुआ है। आज के बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 24K gold की कीमत में प्रति ग्राम ₹5 की बढ़ोतरी हुई है और यह अब ₹9,933 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है। इसी तरह, 22K gold के दाम भी ₹5 बढ़कर ₹9,105 प्रति ग्राम हो गए हैं। यह उछाल देश के प्रमुख शहरों में समान रूप से नजर आ रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सोने के बाजार में समग्र तौर पर सकारात्मक रुख बना हुआ है। मुख्य मेट्रो शहरों की बात करें तो Mumbai में 22K gold ₹9,105 प्रति ग्राम और 24K gold ₹9,933 प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। Chennai, Bangalore, Hyderabad और Kerala में भी 22K gold ₹9,105 और 24K gold ₹9,933 प्रति ग्राम के समान स्तर पर है। दिल्ली में थोड़ी बढ़त के साथ 22K gold ₹9,115 और 24K gold ₹9,948 प्रति ग्राम के भाव देखे गए हैं, जो यहां की मांग और सप्लाई में संतुलन को दर्शाता है। पिछले कुछ दिनों की कीमतों पर नजर डालें तो 24K gold की कीमत 11 जुलाई को ₹9,900 से शुरू होकर 14 जुलाई को ₹9,988 तक पहुंच गई थी
उसके बाद थोड़ी गिरावट के बाद आज फिर से ₹9,933 पर आ गई है। 22K gold के दाम भी इसी तरह उतार-चढ़ाव के बीच ₹9,075 से बढ़कर ₹9,155 तक गए और फिर थोड़े नीचे आकर आज ₹9,105 पर स्थिर हुए हैं। यह कीमतों का उतार-चढ़ाव बाजार की मौजूदा स्थिति और निवेशकों की भावना को बखूबी दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतों में ये मामूली वृद्धि निवेशकों के बीच भरोसे को दर्शाती है और खरीदारों की मांग भी लगातार बनी हुई है। भारत में जैसे-जैसे त्योहारों का सीजन नजदीक आ रहा है, सोने की खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है, जो आने वाले दिनों में कीमतों को और मजबूती दे सकती है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की सप्लाई-डिमांड में बदलाव भी भारतीय सोने की कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते रहेंगे। सोना लंबे समय से भारतीय निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प माना जाता है। चाहे आर्थिक अनिश्चितताएं हों या बाजार में उतार-चढ़ाव, सोने की मांग हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि निवेशक इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर धन की सुरक्षा और विविधता दोनों चाहते हैं। वर्तमान समय में भी सोना एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में अपनी अहमियत बनाए हुए है
इस बीच, global cues में स्थिरता के कारण सोने की कीमतों में अधिक उछाल नहीं आया है, लेकिन निवेशकों की सतत रुचि और निवेश के लिए सोने की प्रासंगिकता से यह स्पष्ट होता है कि सोना भारतीय बाजार में एक मजबूत विकल्प बना रहेगा। आने वाले दिनों में अगर वैश्विक आर्थिक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो सोने की कीमतों में फिर से तेज़ी या गिरावट देखी जा सकती है, लेकिन फिलहाल यह स्थिर प्रवृत्ति में है। कुल मिलाकर, 17 जुलाई 2025 को सोने की कीमतों में हुई यह छोटी सी बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि सोना अपने सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूती से कायम है और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी निवेशकों का भरोसा जिंदा है। त्योहारों के सीजन में सोने की मांग बढ़ने के साथ ही इस धातु के दामों में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है, जो बाजार के लिए उत्साहजनक है। इस समय gold में निवेश करना उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो अपनी संपत्ति को मुद्रास्फीति से बचाना चाहते हैं और एक स्थिर निवेश विकल्प की तलाश में हैं। सोने की कीमतों में यह स्थिरता और मामूली वृद्धि भारतीय बाजार की आर्थिक स्थिति और निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। आने वाले महीनों में भी सोने की कीमतों पर नजर बनाए रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह बाजार की दिशा और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के आधार पर बदल सकती है