बुधवार, 16 जुलाई को शेयर बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां Nifty 50 और Sensex ने दिन के निचले स्तर से कुछ रिकवरी की, लेकिन मजबूत खरीदारी न होने के कारण ये इंडेक्स मजबूती से फ्लैटलाइन के ऊपर नहीं टिक सके। सेंसेक्स दिन के अंत में 82,634.48 के स्तर पर 63.57 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं Nifty 25,212.05 पर 16.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। कुल 2016 शेयर्स बढ़े, 1511 गिरावट में रहे और 133 शेयर्स अपरिवर्तित रहे। बाजार में यह अस्थिरता मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक खबरों को पचा पाने की कोशिश में दिखी। पिछले दो महीनों से Nifty लगभग एक संकीर्ण दायरे में ट्रेड कर रहा है। Geojit Investments के Chief Investment Strategist VK Vijayakumar ने बताया कि Nifty के 25,500 के ऊपर स्थाई ब्रेकआउट के लिए सकारात्मक ट्रिगर्स की जरूरत है। फिलहाल निवेशक जारी क़ॉर्टर के earnings season और अमेरिकी राष्ट्रपति Trump के टैरिफ्स की खबरों पर नजर बनाए हुए हैं। सेक्टोरल स्तर पर IT और PSU Banks ने खासा अच्छा प्रदर्शन किया। IT index ने पिछले महीने की कमजोरी के बाद 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जबकि Media index 1.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ उभरा। Network18 ने चौथी तिमाही के जबरदस्त नतीजों के बाद इंट्राडे 12 प्रतिशत की जोरदार तेजी दिखाई, जो मीडिया सेक्टर की मजबूती का प्रमुख कारण बना
सरकारी बैंकों की कंपनियों ने भी बाजार में चमक दिखाई, Nifty PSU Bank index में 1.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। बाजार में यह उम्मीद जगी है कि केंद्र सरकार वित्तीय क्षेत्र में नई सुधारों की योजना बना रही है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच और अधिक समेकन (consolidation) पर विचार कर रही है ताकि वे बड़े बैंकिंग संस्थान बन सकें जो तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। दूसरी ओर, मेटल सेक्टर कमजोर रहा। अमेरिकी खुदरा महंगाई में तेज़ी के कारण निवेशकों ने यह अंदेशा लगाया कि Federal Reserve ब्याज दरों को अधिक समय तक उच्च स्तर पर रखेगा, जिससे डॉलर मजबूत होगा और कमोडिटी कीमतों पर दबाव पड़ेगा। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भी हल्की कमजोरी देखी गई क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने जुलाई के अंत तक फार्मा उत्पादों पर टैरिफ लगाने की बात कही है। बाजार के व्यापक हिस्से में भी कोई खास तेजी नहीं देखी गई। Smallcap और Midcap इंडेक्स केवल 0.05 प्रतिशत के मामूली लाभ में रहे। Choice Equity Broking के Derivative Analyst Hardik Matalia के अनुसार, 25,000 का स्तर अब एक अहम सपोर्ट प्वाइंट बन गया है। यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 24,700 तक गिर सकता है
वहीं ऊपर की तरफ 25,200 पर तत्काल प्रतिरोध है, और 25,378 से 25,500 के बीच एक मजबूत बाधा मौजूद है। इस ज़ोन से ऊपर ब्रेकआउट के बिना बुलिश मोमेंटम फिर से कायम नहीं हो पाएगा। इस प्रकार, बाजार फिलहाल एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है जहां निवेशक आगामी आर्थिक नतीजों, वैश्विक आर्थिक नीतियों और घरेलू सुधारों की दिशा पर बड़ी निगाहें लगाए हुए हैं। PSU Banks और IT सेक्टर की मजबूती ने बाजार को कुछ उम्मीद दी है, लेकिन वैश्विक मुद्रास्फीति और अमेरिकी टैरिफ की खबरें सतर्क रहने की सलाह भी दे रही हैं। अगले कुछ दिन बाजार के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं, खासकर यदि Nifty 25,500 के ऊपर स्थाई ब्रेकआउट करता है तो। इस बीच, निवेशकों को सावधानी के साथ बाजार की चाल पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा क्योंकि अभी भी बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावनाएं बनी हुई हैं