HDFC Bank ने 16 जुलाई को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो शेयर बाजार में हलचल मचा सकती है। बैंक ने बताया है कि 19 जुलाई को होने वाली अपनी बोर्ड मीटिंग में वह पहली बार बोनस इश्यू पर विचार करेगा। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यह HDFC Bank का पहला ऐसा मौका होगा जब वह अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर्स देगा। इसके साथ ही, बैंक ने यह भी कहा है कि वह वित्तीय वर्ष 2026 के लिए एक विशेष अंतरिम डिविडेंड पर भी चर्चा करेगा, जो शेयरधारकों के लिए एक और खुशखबरी साबित हो सकती है। बोनस शेयरों और विशेष डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही यह तय होगी, बैंक इसे शेयर बाजार के माध्यम से घोषणा करेगा। इस बोर्ड मीटिंग के बाद बैंक अपने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे भी जारी करेगा, जिसके लिए निवेशकों की निगाहें टिकी होंगी। HDFC Bank ने अपने पिछले कॉर्पोरेट कर्यावाही में 2011 और 2019 में स्टॉक स्प्लिट किया था, लेकिन अब पहली बार बोनस इश्यू की तरफ कदम बढ़ाने जा रहा है। पिछले छह महीनों में बैंक के शेयरों ने लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है, जबकि पिछले एक महीने में यह लगभग 4 प्रतिशत बढ़े हैं। बैंक के शेयर सुबह के कारोबार में Rs 2,005 प्रति शेयर के करीब मुनाफे में ट्रेड कर रहे थे। साल 2025 की शुरुआत से लेकर अब तक HDFC Bank के शेयरों में 12 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है
हाल ही में HDFC Bank ने अपनी सहायक कंपनी HDB Financial के 13.51 करोड़ शेयरों की बिक्री की है, जिसकी कुल कीमत करीब Rs 9,814 करोड़ रही। इस शेयर बिक्री के बाद बैंक के पास अब HDB Financial में 74.19 प्रतिशत हिस्सेदारी बची हुई है। HDB Financial ने हाल ही में शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिससे बैंक को इस डील से अच्छा लाभ मिला है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, अप्रैल में बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025 की चौथी तिमाही का standalone नेट प्रॉफिट Rs 17,616 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 6.7 प्रतिशत अधिक था। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से भी बेहतर रहा। बैंक की ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो मार्च 2025 तक 1.33 प्रतिशत पर आ गई, जो दिसंबर 2024 में 1.42 प्रतिशत थी। हालांकि, यह पिछले साल की इसी तिमाही (मार्च 2024) के 1.24 प्रतिशत से थोड़ी बढ़ी है। वहीं, नेट NPA रेशियो Q4 FY25 में 0.43 प्रतिशत रहा, जो Q3 FY25 की 0.46 प्रतिशत से कम है, लेकिन Q4 FY24 के 0.33 प्रतिशत से ज्यादा है। यह सारे आंकड़े HDFC Bank की वित्तीय मजबूती और उसे बेहतर तरीके से प्रबंधन करने की क्षमता को दर्शाते हैं। बैंक की यह योजना कि वह पहली बार बोनस शेयर जारी करे, निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर सकती है और शेयरधारकों के लिए यह एक बड़ा फायदा साबित हो सकता है
साथ ही, विशेष अंतरिम डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनेगी, जो बाजार की धारणा के अनुसार बैंक के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य का संकेत है। HDFC Bank के इस कदम को बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और इसके शेयरों में भी उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती देखी जा रही है। वित्तीय क्षेत्र में यह बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि निजी क्षेत्र के बैंक के लिए बोनस इश्यू करना अपने आप में एक नई रणनीति है जो निवेशकों को आकर्षित करने और उनके विश्वास को और मजबूत करने में मदद करेगी। इस बीच, HDFC Bank की सहायक कंपनी HDB Financial के शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि बैंक को अपने अन्य व्यावसायिक और विकासात्मक कार्यों में निवेश करने में भी मदद करेगी। इस कदम से बैंक की फंडिंग क्षमता और विस्तार की रणनीति और मजबूत होगी। कुल मिलाकर, HDFC Bank की यह घोषणा न केवल उसके शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है बल्कि पूरे भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए भी एक महत्वपूर्ण इशारा है कि बैंक अपनी विकास यात्रा को नए आयाम देने के लिए तैयार है। आगामी बोर्ड मीटिंग और वित्तीय परिणामों की घोषणा से बाजार में इस बैंक के प्रति विश्वास और निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ेगी