पिछले एक महीने में Nifty IT इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत तक गिर गया था, लेकिन मंगलवार, 15 जुलाई को इस इंडेक्स ने 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज करते हुए चार सत्रों की लगातार गिरावट को तोड़ दिया। निवेशकों में अचानक से खरीदारी का जुनून देखने को मिला, जोकि कमजोर Q1FY26 के नतीजों के बाद भी IT सेक्टर में विश्वास लौटाने का संकेत है। पिछले चार दिनों में Tata Consultancy Services (TCS) के जून तिमाही के कमजोर नतीजों के कारण IT इंडेक्स में काफी दबाव रहा। TCS के नतीजों ने निवेशकों और विशेषज्ञों को निराश किया क्योंकि कंपनी की कमाई उम्मीद से कम रही। इस वजह से पूरे सेक्टर में बिकवाली का माहौल बन गया क्योंकि मांग में तत्काल सुधार की उम्मीद कम ही जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाली तिमाही में IT सेक्टर में नरमी बनी रह सकती है क्योंकि सभी प्रमुख IT कंपनियों को विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मांग की कमी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मंगलवार को Nifty IT ने अपनी गिरावट की लकीर तोड़ दी। सुबह 11:20 बजे के आसपास Nifty IT इंडेक्स 37,582.30 अंक पर था, जोकि 0.8 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। इस दौरान HCL Technologies को छोड़कर सभी प्रमुख कंपनियां हरे निशान में कारोबार कर रही थीं। Infosys, Wipro और LTIMindtree जैसे बड़े शेयरों ने 2 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ तेजी का नेतृत्व किया
वहीं, HCL Technologies 4 प्रतिशत तक गिर गया क्योंकि उसकी Q1FY26 की कमाई उम्मीद से कम रहने से निवेशक सावधान रहे। HCLTech ने जून 30, 2025 को समाप्त तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो 3,843 करोड़ रुपये पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4,257 करोड़ रुपये था। दूसरी ओर, कंपनी की समेकित राजस्व में 8 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 30,349 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल के 28,057 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि कमज़ोर कमाई के बावजूद निवेशकों ने इस अवसर को बेहतर वैल्यूएशन पर IT स्टॉक्स खरीदने का मौका माना। साथ ही, मुद्रास्फीति में गिरावट ने भी आज D-Street पर खरीदारी के मूड को समर्थन दिया। पिछले एक महीने में Nifty IT इंडेक्स में लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो इस सेक्टर की अस्थिरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बड़े कैप IT शेयर छोटे और मध्यम कैप (SMID) शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जिससे निवेशकों को बेहतर वैल्यूएशन और सुरक्षा मिलेगी। आज के सत्र में Infosys, Wipro और LTIMindtree के शेयरों ने मजबूती दिखाई, जबकि HCL Technologies के शेयर में दबाव बना रहा। TCS के कमजोर नतीजे IT सेक्टर की समग्र मांग पर चिंता बढ़ा रहे हैं, लेकिन निवेशकों की नजरें अभी भी संभावित सुधार पर टिकी हैं, खासकर जब बाजार में मुद्रास्फीति में कमी आई है और फेडरल रिजर्व के संभावित दर कटौती की उम्मीदें बनी हुई हैं। मौजूदा परिदृश्य में IT कंपनियों के Q1FY26 के नतीजे mixed रहे हैं, जहां कुछ कंपनियों ने राजस्व में वृद्धि दर्ज की है, वहीं लाभ में कमी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है
हालांकि, बाजार में bargain hunting का चलन इस बात का संकेत है कि निवेशक कम कीमत पर मजबूत कंपनियों में निवेश कर अवसर तलाश रहे हैं। कुल मिलाकर, IT सेक्टर फिलहाल चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन आज की तेजी ने यह दर्शाया है कि बाजार में अभी भी भरोसा बरकरार है और निवेशक उचित मूल्य पर IT स्टॉक्स को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। आने वाली तिमाहियों में मांग में सुधार और बेहतर नतीजों के साथ IT इंडेक्स में स्थिरता की उम्मीद की जा रही है