Dalal Street पर फिर दबाव, Nifty 50 में 311 अंकों की गिरावट के बीच Q1 Earnings पर निगाहें

Saurabh
By Saurabh

भारतीय शेयर बाजार ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में लगातार दूसरी बार बिकवाली का सामना किया, जिसमें Nifty 50 सूचकांक 311 अंक यानी करीब 1.22 प्रतिशत गिरकर 25,150 के स्तर पर बंद हुआ। इसी प्रकार, BSE Sensex भी 932 अंक (1.12 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 82,500 के करीब रहा। बाजार में यह कमजोरी मुख्य रूप से वैश्विक व्यापार तनाव, खासकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और एफआईआई (Foreign Institutional Investors) के लगातार निकासी के कारण आई। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी, अनुकूल मानसून, गिरते ब्याज दर और कम होती महंगाई ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। पिछले सप्ताह जारी हुई वैश्विक घटनाओं ने भी भारतीय बाजार की मनोदशा पर असर डाला। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कई देशों पर नए टैरिफ लगाए, जिनमें मेक्सिको, यूरोपीय संघ, कनाडा और ब्राजील शामिल हैं। यह कड़ाई अगस्त 1 से लागू होगी और इससे वैश्विक व्यापारिक माहौल में अनिश्चितता बढ़ी है। इसके अलावा, Trump ने मौजूदा टैरिफ को भी बढ़ाने की योजना का संकेत दिया है, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है। इन सबके बीच अमेरिकी महंगाई दर (US Inflation) के जून महीने के आंकड़े भी निवेशकों की निगाहों में हैं, जो पिछले महीने के 2.4 प्रतिशत से थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है। यह महंगाई दर टैरिफ के कारण बढ़ने वाले दबावों का संकेत दे सकती है

चीन के आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अप्रैल-जून तिमाही के लिए चीन की GDP वृद्धि दर में गिरावट की संभावना है, जो निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा सकती है। इसके अतिरिक्त, जापान और यूरो जोन के मासिक महंगाई आंकड़े भी बाजार की चाल पर असर डाल सकते हैं। भारत में जून महीने के लिए CPI (Consumer Price Index) और WPI (Wholesale Price Index) के आंकड़े 14 जुलाई को जारी होंगे। अधिकांश अर्थशास्त्री उम्मीद कर रहे हैं कि खुदरा महंगाई दर 2.5 से 2.7 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो लगातार आठवें महीने नीचे रहने की ओर इशारा है। वहीं, थोक महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा, 15 जुलाई को जून माह के व्यापार संतुलन और यात्री वाहनों की बिक्री, 18 जुलाई को बैंक लोन, जमा वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे। आगामी सप्ताह में Q1FY26 की कॉर्पोरेट आय रिपोर्ट्स पर भी पूरा ध्यान रहेगा। पिछले सप्ताह Tata Consultancy Services (TCS) के कमजोर प्रदर्शन ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। अगले सप्ताह करीब 125 से अधिक कंपनियां अपनी तिमाही आय रिपोर्ट जारी करेंगी, जिनमें Reliance Industries, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, HCL Technologies, HDFC Life Insurance, Tech Mahindra, Jio Financial Services, Wipro और JSW Steel जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं

ये कंपनियां Nifty 50 में लगभग 32 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती हैं और इनके परिणामों से बाजार में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा, Ola Electric Mobility, Tata Technologies, ICICI Lombard, Bank of Maharashtra, Angel One, ITC Hotels और LTIMindtree जैसी कंपनियां भी अपनी आय विवरण जारी करेंगी। नव-लिस्टेड Sambhv Steel Tubes, HDB Financial Services और Kalpataru भी जून तिमाही के परिणाम देंगे। FII निवेशकों ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी लगभग ₹4,511 करोड़ की निकासी की है, जिससे इस माह कुल निकासी ₹10,284 करोड़ के करीब पहुंच गई है। इसके विपरीत, DIIs ने ₹8,291 करोड़ की खरीदारी की, जो बाजार में कुछ स्थिरता प्रदान कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च बाजार मूल्यांकन और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण FIIs भारत से निकासी कर रहे हैं और सस्ते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। तकनीकी दृष्टिकोण से, Nifty 50 ने अपने 10-दिन और 20-दिन के EMA (Exponential Moving Averages) के नीचे कारोबार किया और Bollinger Bands के मध्य रेखा से नीचे गिर गया है। इससे बाजार की कमजोरी का संकेत मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि Nifty 25,300 के ऊपर नहीं टिकता है तो संक्षिप्त अवधि में 24,900 से 24,800 के स्तर तक गिरावट संभव है, जहां से बाजार को समर्थन मिल सकता है। वहीं, इससे नीचे गिरावट से बाजार में मंदी और तेज हो सकती है

विकल्प बाजार (F&O) के आंकड़े भी सीमित दायरे में कारोबार की उम्मीद जताते हैं। Nifty 50 के लिए 24,800 से 25,300 के बीच रेंज में ट्रेडिंग की संभावना है, जबकि अधिक व्यापक रेंज 24,500 से 25,500 तक देखी जा सकती है। India VIX, जो कि बाजार की भय सूचकांक है, पिछले चार सप्ताह से लगातार गिरावट पर है और अप्रैल 2024 के बाद सबसे निचले स्तर 11.82 पर पहुंच गया है, जो बाजार में फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिरता का संकेत देता है। प्राथमिक बाजार में भी हल्की सुस्ती देखने को मिलेगी। अगले सप्ताह तीन नए IPO खुलेंगे, जिनमें मुख्यधारा की pharma कंपनी Anthem Biosciences का ₹3,395 करोड़ का IPO भी शामिल है, जो 14 से 16 जुलाई तक खुलेगा। SME सेगमेंट में Spunweb Nonwoven और Monika Alcobev के IPO भी इसी सप्ताह बंद होंगे। इसी बीच, Smartworks Coworking Spaces का IPO भी 14 जुलाई को बंद हो रहा है, जिसे बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। नई कंपनियों के लिस्टिंग के मामले में Travel Food Services और Smartworks Coworking Spaces क्रमशः 14 और 17 जुलाई को शेयर बाजार में प्रवेश करेंगी। कुल मिलाकर, आगामी सप्ताह में वैश्विक व्यापार तनाव और Q1FY26 की कंपनियों की आय रिपोर्ट्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। निवेशक अमेरिकी महंगाई, चीन के आर्थिक आंकड़ों और भारत के घरेलू आर्थिक डेटा पर नजर बनाए रखेंगे

फिलहाल बाजार में स्थिरता के साथ-साथ सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना अधिक है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहना होगा

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