भारत के Multi Commodity Exchange of India (MCX) ने गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को Electricity Futures Trading को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। यह कदम Securities and Exchange Board of India (SEBI) की जून 2025 में मिली अनुमति के बाद उठाया गया है। बिजली के इस नए फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत भारतीय ऊर्जा बाजार में एक मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि यह बिजनेस, पावर कंपनियों और निवेशकों को बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग के अनिश्चित बदलावों से निपटने का एक प्रभावी तरीका प्रदान करेगा। बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव पहले से ही काफी जटिल और अस्थिर रहा है, जिसका मुख्य कारण मौसम की स्थिति, मौसमी मांग, ईंधन की कीमतें और बाजार के ट्रेंड्स हैं। गर्मियों और त्योहारों के मौसम में बिजली की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं, जबकि मानसून और सर्दियों में कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं। MCX के नए electricity futures कॉन्ट्रैक्ट के जरिए अब बिजली की कीमतों को पहले से लॉक किया जा सकेगा, जिससे अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि से सुरक्षा मिल सकेगी। यह फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पावर जनरेटर्स, DISCOMs (distribution companies), बड़े औद्योगिक ग्राहक और वित्तीय संस्थानों समेत कई हितधारकों के लिए लाभकारी साबित होगा। बिजली, जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक आवश्यक वस्तु है, अब ट्रेडिंग पोर्टफोलियो में शामिल हो गई है, जिससे निवेशक अपनी निवेश रणनीतियों में विविधता ला सकेंगे और वोलैटिलिटी से बचाव कर सकेंगे। MCX के electricity futures कॉन्ट्रैक्ट SEBI के नियमन के तहत मानकीकृत हैं, जो भारत के पावर सेक्टर में पारदर्शिता और प्राइस डिस्कवरी को बढ़ावा देंगे। शुरूआती दौर में यह कॉन्ट्रैक्ट वर्तमान माह और अगले तीन कैलेंडर महीनों के लिए उपलब्ध हैं, जबकि भविष्य में पूरे 12 महीनों के लिए ट्रेडिंग खोलने की योजना है
प्रत्येक कॉन्ट्रैक्ट की यूनिट 50 Megawatt-hours (MWh) की है और कीमतें प्रति MWh भारतीय रुपये में दी जाती हैं, जिसमें टैक्स शामिल नहीं है। न्यूनतम कीमत की चाल (tick size) ₹1 प्रति MWh निर्धारित की गई है। इस कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम निपटान मूल्य, Volume Weighted Average Price (VWAP) के आधार पर तय होगा, जो Indian Energy Exchange (IEX) के दैनिक बाजार मूल्य डेटा पर आधारित है। ट्रेडिंग के नियमों के अनुसार, MCX पर electricity futures सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से लेकर रात 11:30 बजे या 11:55 बजे तक खुला रहेगा। कॉन्ट्रैक्ट की समाप्ति उस माह के अंतिम कैलेंडर दिन से एक कार्यदिवस पहले होगी। दैनिक कीमत सीमा 6% तक निर्धारित है, जिसे बाजार की स्थिति के अनुसार 9% तक बढ़ाया जा सकता है। प्रारंभिक मार्जिन की आवश्यकता कम से कम 10% कॉन्ट्रैक्ट मूल्य या बाजार की वोलैटिलिटी के आधार पर तय की गई है। ग्राहक स्तर पर पोजीशन लिमिट 3 लाख MWh या कुल ओपन इंटरेस्ट का 5% होगी, जो भी अधिक हो। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मार्च से जून का गर्मियों का मौसम और अक्टूबर-नवंबर का त्योहारों का समय बिजली की मांग में तेजी लाता है और इस दौरान कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसलिए यह महीने ट्रेडिंग के लिहाज से सबसे उपयुक्त माने जाते हैं
वहीं, मानसून (जुलाई से सितंबर) और सर्दी के मौसम (दिसंबर से फरवरी) में मांग कम होने के कारण ट्रेडिंग कम आकर्षक होती है। MCX के electricity futures लॉन्च के साथ ही भारत का ऊर्जा ट्रेडिंग मार्केट नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह कॉन्ट्रैक्ट न केवल बिजली की कीमतों से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करने का एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीका प्रदान करेगा, बल्कि बाजार की स्थिरता और पावर सेक्टर में निवेश को भी बढ़ावा देगा। इसके कुछ ही दिनों बाद, सोमवार, 14 जुलाई 2025 को NSE भी इसी तरह का electricity futures कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने जा रहा है, जो इस नए क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और अवसरों को और बढ़ाएगा। इस पहल के जरिए न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि कमोडिटी मार्केट में निवेश और जोखिम प्रबंधन के नए अवसर भी खुलेंगे। बिजली को एक ट्रेडेबल कमोडिटी के रूप में पेश करने से भारत में ऊर्जा कारोबार की पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह बदलाव भारतीय स्टॉक और कमोडिटी मार्केट के लिए एक नया अध्याय साबित होगा, जो आने वाले समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा