म्यूचुअल फंड्स में जून 2025 के महीने में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। Association of Mutual Funds in India (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, equity-oriented schemes में नेट इनफ्लो 24% बढ़कर ₹23,587 करोड़ हो गया, जो मई में ₹19,013 करोड़ था। यह निवेशकों के बीच भरोसे की ताजा मिसाल है और शेयर बाजार में मजबूती का संकेत भी देता है। शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी रही, Sensex ने जून में 3% से अधिक की बढ़त दर्ज की, वहीं Nifty लगभग 2.7% ऊपर गया। यह बाजार का अच्छा प्रदर्शन equity funds के mark-to-market gains को बढ़ावा देने में मददगार साबित हुआ। इसी के चलते पूरे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का Assets Under Management (AUM) मई के ₹72.20 लाख करोड़ से बढ़कर ₹74.41 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। Equity fund कैटेगरीज में Flexi Cap funds सबसे अधिक पसंद किए गए। इस कैटेगरी में जून में ₹5,733 करोड़ के नेट इनफ्लो दर्ज हुए, जो पिछले महीने से लगभग 49% अधिक है। Small Cap funds भी निवेशकों की पसंद बने रहे, जिन्हें ₹4,024 करोड़ की नई पूंजी मिली। Mid Cap schemes ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और ₹3,754 करोड़ के नेट इनफ्लो के साथ 34% की बढ़ोतरी दिखाई
हालांकि Equity Linked Saving Schemes (ELSS) के साथ लगातार तीसरे महीने outflows देखने को मिले, जो ₹556 करोड़ रहे। Dividend Yield Funds भी जून में सकारात्मक क्षेत्र में लौटे और ₹45 करोड़ के नेट इनफ्लो दर्ज किए, जो मई के हल्के outflows के बाद एक राहत की खबर है। Debt-oriented schemes में हालांकि redemption का दबाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन यह जून में काफी कम हो गया। कुल outflows ₹1,711 करोड़ पर आए, जो मई के ₹15,908 करोड़ की तुलना में काफी कम हैं। कुल 16 debt fund कैटेगरीज में से आठ में inflows देखे गए। Short-duration funds ने ₹10,276 करोड़ की नई पूंजी हासिल की, जबकि money market funds में ₹9,484 करोड़ का inflow हुआ। दूसरी तरफ, Liquid funds ने भारी निकासी देखी और ₹25,196 करोड़ वापस लिए गए। Overnight funds से ₹8,154 करोड़ निकाले गए, जबकि Medium-duration funds में केवल मामूली outflows ₹61 करोड़ दर्ज हुए। Hybrid funds ने भी जून में अच्छा प्रदर्शन किया और ₹23,222 करोड़ के inflows के साथ मई की तुलना में 12% की बढ़ोतरी की। Arbitrage funds सबसे आगे रहे, जिन्होंने ₹15,584 करोड़ जुटाए
Multi-asset allocation funds ने ₹3,209 करोड़ और dynamic asset allocation (balanced advantage) funds ने ₹1,885 करोड़ के inflows दर्ज किए। खास बात यह रही कि aggressive hybrid schemes में निवेश लगभग तीन गुना बढ़कर ₹1,331 करोड़ हो गया। Systematic Investment Plans (SIPs) ने भी जून में मजबूती दिखाई। मासिक inflows ₹27,269 करोड़ तक पहुंच गए, जो मई के ₹26,688 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, passive schemes जैसे index funds और ETFs को थोड़ा नुकसान हुआ, क्योंकि इनका inflow 28% घटकर ₹3,997 करोड़ रह गया। इस श्रेणी में Gold ETFs ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा और ₹2,080 करोड़ का inflow हासिल किया, जो मई के ₹292 करोड़ से काफी अधिक है। Index funds ने ₹1,043 करोड़ और अन्य ETFs ने ₹844 करोड़ जुटाए। इस पूरे माह के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि सामान्य निवेशकों का म्यूचुअल फंड्स में विश्वास लगातार बढ़ रहा है। बाजार की स्थिरता और विभिन्न निवेश विकल्पों की मांग से fund houses के लिए आने वाले महीनों में भी inflows बढ़ने की उम्मीद है। आर्थिक स्थिति सकारात्मक बनी रही तो म्यूचुअल फंड उद्योग में और तेजी देखने को मिल सकती है
जून 2025 की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि इंडिविजुअल निवेशक अब म्यूचुअल फंड्स को अपनी धनराशि बढ़ाने का एक भरोसेमंद माध्यम मान रहे हैं और equity, hybrid, तथा debt funds में संतुलित निवेश कर भविष्य की योजनाओं को मजबूत कर रहे हैं। इसका असर न केवल बाजार की तरलता पर पड़ रहा है, बल्कि overall financial ecosystem के लिए भी यह एक सकारात्मक संदेश है