Mangal Electrical Industries, जो ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स का निर्माण करती है, ने मंगलवार को अपने IPO के एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹120 करोड़ जुटाए। इस एंकर राउंड में शामिल हुए प्रमुख संस्थागत निवेशकों में Abakkus Diversified Alpha Funds, LC Pharos Multi Strategy Fund VCC, Societe Generale, Finavenue Capital Trust, Swyom India Alpha Fund, Sundaram Alternative Investment Trust, Imap India Capital Investment Trust, Sunrise Investment Trust और Aarth AIF Growth Fund शामिल हैं। BSE पर जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, कंपनी ने इन निवेशकों को ₹561 प्रति शेयर की दर से 21.39 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए, जिससे कुल फंडरेजिंग ₹120 करोड़ हुई। यह IPO एक फ्रेश इश्यू है जिसकी कुल वैल्यू ₹400 करोड़ है और यह 20 अगस्त से 22 अगस्त तक पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने IPO के लिए ₹533 से ₹561 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। सफल बोली लगाने वालों के शेयर 26 अगस्त तक उनके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगे और जो निवेशक असफल होंगे, उनको उसी दिन रिफंड मिल जाएगा। Mangal Electrical Industries के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होंगे। इस IPO का बुक-रनिंग लीड मैनेजर Systematix Corporate Services है, जबकि Bigshare Services इस इश्यू के लिए रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रहा है। IPO से जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी अपने विस्तार, वर्किंग कैपिटल जरूरतों, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। विस्तार के लिए ₹87.86 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी राजस्थान के सीकर जिले के रींगस में अपनी फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाने में करेगी
वहीं ₹122 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए रिजर्व रखे जाएंगे और ₹101.27 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को चुकाने में करेगी। Mangal Electrical Industries के पास राजस्थान में पांच उत्पादन इकाइयां हैं जिनकी कुल उत्पादन क्षमता काफी प्रभावशाली है। कंपनी की Jaipur स्थित Unit I में 3,000 MT CRGO का उत्पादन होता है। इसके अलावा, Unit III में ICB और CRGO की क्षमता क्रमशः 75,000 यूनिट और 900 MT है। सीकर में स्थित Unit IV ट्रांसफॉर्मर (10,22,500 KVA), CRGO (12,000 MT) और अमॉर्फस (2,400 MT) का उत्पादन करता है। कुल मिलाकर, कंपनी की उत्पादन क्षमता CRGO के लिए 16,200 MT, ट्रांसफॉर्मर के लिए 10,22,500 KVA, ICB के लिए 75,000 यूनिट और अमॉर्फस के लिए 2,400 MT प्रति वर्ष है। यह IPO मिडकैप और इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज सेक्टर में निवेशकों के लिए एक मजबूत अवसर माना जा रहा है क्योंकि Mangal Electrical Industries ने ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स के क्षेत्र में लगातार उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार किया है। कंपनी के उत्पाद उद्योग में उच्च मांग वाले माने जाते हैं, जो ऊर्जा ट्रांसमिशन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹400 करोड़ के इस फ्रेश इश्यू से कंपनी को न केवल विस्तार के लिए जरूरी पूंजी मिलेगी, बल्कि उसे कर्ज प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और भविष्य में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनेगी
IPO के सफल होने से कंपनी के शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद अच्छी ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है। इस IPO के दौरान निवेशकों को ध्यान देना होगा कि प्राइस बैंड ₹533 से ₹561 के बीच रखा गया है, जो कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं के आधार पर उचित माना जा रहा है। 21.39 लाख शेयरों का एंकर अलॉटमेंट पहले ही पूरा हो चुका है, जो निवेशकों का कंपनी में विश्वास दर्शाता है। मंगल इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज का यह IPO ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो ट्रांसफॉर्मर और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं। कंपनी की उत्पादन इकाइयों का विस्तार और कर्ज मुक्त होना इसे भविष्य में और अधिक मुनाफे की ओर ले जा सकता है। इस प्रकार, Mangal Electrical Industries का यह IPO न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। 20 अगस्त से शुरू होने वाला यह इश्यू 22 अगस्त तक खुलेगा, जिसके बाद 28 अगस्त को शेयर लिस्टिंग होगी। निवेशकों के लिए यह अवसर उस क्षेत्र में निवेश करने का सुनहरा मौका है जहां तकनीकी उन्नति और उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। कुल मिलाकर, Mangal Electrical Industries ने IPO के जरिए ₹400 करोड़ जुटाकर अपनी वित्तीय मजबूती और विस्तार योजना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का रास्ता साफ कर लिया है। कंपनी के इस कदम से भारतीय ट्रांसफॉर्मर इंडस्ट्री में भी नई हलचल आने की उम्मीद है